ऑपरेशन कन्विक्शन में आरोपी को 10 साल की सजा
पॉक्सो एक्ट के मामले में अदालत ने दोषी मो. तालिब पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
लखनऊ। अपराधियों को न्यायालय से अधिकतम सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लखनऊ पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप एक पॉक्सो मामले में अभियुक्त को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई है। विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम न्यायालय, लखनऊ ने आरोपी मो. तालिब पुत्र मो. सादिक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना विभूतिखंड में दर्ज मु.अ.सं. 259/2019 से संबंधित है। मुकदमा धारा 363, 366, 376 भारतीय दंड संहिता तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन विभाग की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस के अनुसार, मामले से संबंधित साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया।
15 सितंबर को आया फैसला
वाद संख्या 22/2021 में विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम न्यायालय, लखनऊ ने 15 सितंबर 2026 को मामले में निर्णायक फैसला सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त मो. तालिब पुत्र मो. सादिक, निवासी ग्राम तिहार, थाना इमलिया सुल्तानपुर, जनपद सीतापुर को दोषसिद्ध करते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पुलिस-अभियोजन की प्रभावी पैरवी
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने के उद्देश्य से ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ पुलिस द्वारा न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय के निर्देशन में कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त पूर्वी के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी और सहायक पुलिस आयुक्त विभूतिखंड के निर्देशन में थाना विभूतिखंड पुलिस ने अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय कर मामले की प्रभावी पैरवी की।
पैरोकार ने की प्रभावी पैरवी
मामले में थाना विभूतिखंड के प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र सिंह तथा न्यायालय पैरोकार कांस्टेबल संतोष कुमार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस के अनुसार, पैरोकार कांस्टेबल संतोष कुमार के अथक प्रयास और लगातार पैरवी के चलते मामले में न्यायालय से दोषसिद्धि और सजा सुनिश्चित हुई।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए पैरवी और अभियोजन की कार्रवाई को लगातार प्रभावी बनाया जा रहा है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
