1975 से कच्चा पड़ा 800 मीटर का रास्ता, चकबंदी के बाद भी नहीं बनी सड़क
बच्चे जान जोखिम में डालकर जाते स्कूल
उमेश श्रीवास्तव
- गोंडा निवासियों ने सड़क पक्की कराने की सिफारिश
अलावल देवरिया (गोंडा)। विकास क्षेत्र पंडरी कृपाल के अंतर्गत ग्राम सिसऊर-अन्दूपुर के मजरा बंजारी व झलिहा के स्कूली बच्चों की शिक्षा और जान दोनों 800 मीटर की कच्ची सड़क के कारण खतरे में हैं। चकबंदी 1975 से आज तक गांव से सोनबरसा स्थित प्राइमरी पाठशाला व माध्यमिक विद्यालय तक जाने वाला 800 मीटर का रास्ता कच्चा है। बच्चों के पास गोंडा-धानेपुर मुख्य मार्ग से जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार तेज रहती है और सड़क की चौड़ाई भी कम है। आए दिन यहां बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाहू जी महाराज कॉलोनी सिसऊर-अन्दूपुर के पास से होकर सोनबरसा विद्यालय तक जाने वाला रास्ता सबसे सरल और सुगम है। लेकिन 50 साल से यह कच्चा पड़ा है। यदि इस रास्ते को पक्का कर दिया जाए तो एक बड़ी आबादी के बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में नंदकिशोर वर्मा, टैक्स एडवोकेट व पूर्व सदस्य जिला पंचायत गोंडा ने अधिकारियों, नेताओं और पत्रकारों से उक्त मार्ग को पक्का कराने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान से लेकर सांसद तक के सहयोग से यदि यह सड़क बन जाए तो बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी और हादसों से बचाव होगा।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि शाहू जी महाराज कॉलोनी से सोनबरसा विद्यालय तक के 800 मीटर मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित शिक्षा मिल सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
