लखनऊ में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अलीगंज पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी
13 वर्षीय किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म मामले में हुई सजा
लखनऊ। अलीगंज थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लखनऊ पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद हुई।
13 वर्षीय किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का मामला
पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर 2022 को अलीगंज थाने में एक व्यक्ति ने तहरीर दी थी कि उसकी 13 वर्षीय बेटी 3 सितंबर को घर से कहीं चली गई है। आरोप था कि अलीगंज क्षेत्र में आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
तहरीर के आधार पर थाना अलीगंज में मुकदमा संख्या 300/2022 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
साक्ष्यों के आधार पर आरोपी दोषी करार
मामले की विवेचना निरीक्षक अनूप कुमार वर्मा ने की। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित किया और आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद अलीगंज पुलिस और अभियोजन शाखा ने मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की।
पुलिस के अनुसार, न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर विशेष न्यायालय एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट-I, लखनऊ ने आरोपी किशन बाल्मीकि उर्फ कृष्णा को दोषी करार दिया।
तीन धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 366 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
इसके अलावा धारा 376 IPC और धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी
लखनऊ पुलिस के मुताबिक, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देशन में अपराधियों को न्यायालय से अधिकतम सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त उत्तरी और अपर पुलिस उपायुक्त उत्तरी के निर्देशन तथा सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज और प्रभारी निरीक्षक अलीगंज ध्रुव कुमार के नेतृत्व में मामले की लगातार पैरवी की गई।
पुलिस ने बताया कि थाना अलीगंज के पैरोकार और अभियोजन शाखा के बीच आवश्यक समन्वय बनाए रखा गया। इसी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप पॉक्सो एक्ट से जुड़े इस मामले में आरोपी को दोषसिद्ध कराकर 20 वर्ष के कारावास की सजा दिलाई गई।
दोषी का नाम: किशन बाल्मीकि उर्फ कृष्णा, उम्र 28 वर्ष।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
