संत कबीर नगर, पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह* के पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थानाध्यक्ष बेलहरकला हरिकेश भारती* व एसओजी प्रभारी रजनीश राय* के नेतृत्त में संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 01.07.2026 को वांछित अभियुक्तगण 01. मुहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू पुत्र समसुल हक 02. मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू उर्फ पिल्ले निवासीगण नगर पंचायत बेलहरकला टोला पनभरा थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर को बालूशासन पुल के पास से गिरफ्तार किया गया ।
गिरफ्तारी के पश्चात थाना बेलहरकला पुलिस द्वारा अभियुक्तगण उपरोक्त को मृतका के मोबाइल की बरामदगी हेतु ग्राम कुशहरा दरही रोड ग्राम जंगल बेलहर समय करीब 04:00 सुबह लाया गया था । मोबाइल और सिम की तलाश के दौरान दोनों अभियुक्त भागने लगे, जिन्हें बार-बार रुकने के लिए आवाज दिया गया परंतु नहीं रूके । दोनों अभियुक्तों को आवश्यक बल का प्रयोग कर फायर किया गया, दोनों अभियुक्तों के पैर में गोली लगी, जिससे घायल हो गए । घायल अभियुक्तों को तुरंत प्राथमिक उपचार हेतु सरकारी गाड़ी से सीएससी मेहदावल भेजा गया । जिन्हे जिला अस्पताल खलीलाबाद के लिए रेफर कर दिया गया है ।
घटना का विवरणः-
दिनाँक 28.06.2026 वादिनी द्वारा थाना बेलहरकला पर आकर एक किता प्रार्थना पत्र दाखिल किया कि आवेदिका की पुत्री उम्र 16 वर्ष को लगभग 15 दिन पहले किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर लेकर चला गया था तथा तीन दिन पूर्व वापस घर छोड़ गया था, आज दिनाँक 28.06.2026 को सुबह दो बजे रात्रि को आवेदिका अपनी पुत्री को बिस्तर पर देखने गयी तो वहाँ नहीं थी तथा सुबह 07.00 बजे पता चला कि मेरी लड़की की कब्रिस्तान के बगल में सागौन के पेड़ की टहनी से उसके ही दुपट्टे में पुरी शरीर जमीन पर लेटा हुआ मृत लाश मिली है । उपरोक्त घटनाक्रम पूरी तरह से हत्या करके साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से नाटकीय ढंग का रुप देकर किया गया है ।
*पूछताछ विवरणः-* *अभियुक्तगण उपरोक्त से पूछताछ करने पर दुष्कर्म कर हत्या करने की बात स्वीकार की गयी है । गिरफ्तारी व साक्ष्यों के आधार पर अभियोग उपरोक्त में दुष्कर्म, पाक्सो व एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में बढोत्तरी की जाएगी* ।