जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप ये साफ करें कि क्या विरोध प्रदर्शनों के लिए कोई वैकल्पिक या उपयुक्त जगह हो सकती है
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले पर केंद्र सरकार का पक्ष लेकर कोर्ट को सूचित करने को कहा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से कहा कि आप ये साफ करें कि क्या विरोध प्रदर्शनों के लिए कोई वैकल्पिक या उपयुक्त जगह हो सकती है। याचिका सतीश चंद कौशिक ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि जंतर-मंतर बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों और धरनों के लिए एक व्यावहारिक जगह नहीं है। इसके लिए कोई वैकल्पिक जगह होनी चाहिए। जंतर-मंतर पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है और वहां आंदोलन होने से स्थानीय लोगों को असुविधा होती है।
याचिका में कहा गया है कि जंतर-मंतर पर पीने के पानी, शौचालय, सीवरेज और भोजन आदि की बुनियादी सुविधाएं न के बराबर हैं। यहां विरोध प्रदर्शनों के चलते इलाके में यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। स्थानीय निवासियों, राहगीरों के अलावा इमरजेंसी सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ता है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
