राजस्थान में मानसून मेहरबान, तेज बारिश के आसार: कई जिलों में ऑरेंज-यलो अलर्ट
जयपुर। राजस्थान में मानसून का असर लगातार मजबूत होता जा रहा है। शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा।
सीकर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, उदयपुर, प्रतापगढ़ और अन्य जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रहा।
ये खबर भी पढ़े : जयपुर: इंडियन हेल्थकेयर लीग सीज़न-2 का आगाज़,क्रिकेट के जरिए स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाएगी आईएचएलमौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने और पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र तथा राजस्थान से गुजर रही मानसून ट्रफ के प्रभाव से आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।
रविवार को झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जैसलमेर और बीकानेर को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी, सीकर के पलसाना में 33 मिमी, झालावाड़ के झालरापाटन में 28 मिमी, प्रतापगढ़ के दलोत में 16 मिमी, सलूंबर में 18 मिमी, नवलगढ़ में 12 मिमी, भादरा में 16 मिमी तथा उदयपुर शहर में 11 मिमी वर्षा हुई।
कोटा के मंडाना और इटावा क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि उदयपुर में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। अलवर, जोधपुर और अन्य जिलों में भी मौसम सुहावना बना रहा।
मानसून सक्रिय होने के साथ ही बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है। पिछले 24 घंटे में बांध के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। जलस्तर 313.63 आरएल मीटर से बढ़कर 313.66 आरएल मीटर पहुंच गया है।
वर्तमान में बांध में 25.941 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जो कुल भराव क्षमता का लगभग 67 प्रतिशत है। इस मानसून सीजन में अब तक कैचमेंट क्षेत्र में 248 मिमी बारिश हुई है, हालांकि त्रिवेणी नदी में अभी पानी की आवक शुरू नहीं हुई है।
बारिश के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। शनिवार को जैसलमेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस रहा।बीकानेर में 42.4, गंगानगर और बाड़मेर में 41.6, फलोदी में 41.2 तथा चूरू में 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।
दूसरी ओर जयपुर, अजमेर, कोटा और सीकर में बारिश के बाद भी अधिक नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। राजधानी जयपुर में शनिवार को दिनभर बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश नहीं हुई।
अजमेर में सुबह हल्की बारिश के बावजूद दिनभर उमस रही। उदयपुर में लगातार रुक-रुककर बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली और कई सड़कों पर पानी भर गया।
अलवर में अच्छी बारिश के चलते रूपारेल नदी का जलस्तर बढ़ा और कुछ पुलियाओं पर पानी बहने से यातायात प्रभावित हुआ। जोधपुर में भी शुक्रवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ गई।
मौसम विभाग ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के लोगों को भारी बारिश के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने तथा नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
