मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस नहीं मिला रास्ता, अतिक्रमण ने ली की जान
मुंबई । नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर से ओसवाल नगरी परिसर तक हर सप्ताह लगने वाले कथित अवैध साप्ताहिक बाजार के कारण सड़कें तो सड़कें पटरियों पर पैदल यात्रा टेढ़ी खीर साबित होती है। इस बाजार के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। लगातार किसी अनहोनी की दावत देते इस बाजार के रास्ते एक एम्बुलेंस करीब 20 मिनट तक फंसी रही। मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस का सायरन बजती रहा पर किसी ने भी जीवन और मौत से जूझते यात्री के लिए रास्ता देने की जरूरत महसूस नहीं की। समय पर गंतव्य तक एम्बुलेंस के नहीं पहुंच पाने के कारण उक्त एम्बुलेंस में सवार व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा है, प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार साप्ताहिक बाजार के दिन सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें सज जाती हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है। खरीदारों की भीड़ और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण पूरे इलाके में लंबा जाम लग जाता है। ऐसे हालात में एम्बुलेंस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को रास्ता नहीं मिल पाता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी इमारत में आग लग जाए या किसी व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो, तो इस रास्ते से किसी भी राहत एवं बचाव दल का समय पर पहुंच पाना बेहद मुश्किल है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विभिन्न क्षेत्रों में लग रहे अवैध साप्ताहिक बाजारों को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल नालासोपारा ही नहीं, बल्कि वसई-विरार शहर के विभिन्न हिस्सों में सप्ताह के अलग-अलग दिनों में बड़े पैमाने पर साप्ताहिक बाजार लगाए जाते हैं। इनमें सोमवार को फूलपाड़ा बाजार, मंगलवार को जकात नाका-बोलिंज बाजार, बुधवार को अग्रवाल ग्लोबल परिसर के पास विरार पश्चिम बाजार, गुरुवार को नीले गांव नालासोपारा पश्चिम बाजार तथा शुक्रवार को कुंभारपाड़ा और बर्फपाड़ा क्षेत्रों में बाजार लगते हैं। इन बाजारों के दौरान कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि अवैध बाजारों के कारण होने वाली ट्रैफिक समस्या और सुरक्षा संबंधी जोखिमों की जानकारी कई बार मनपा और पुलिस प्रशासन को दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार?
नागरिकों ने वसई-विरार महानगरपालिका और स्थानीय पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर यातायात व्यवस्था सुचारु करने तथा अवैध रूप से लगने वाले बाजारों पर नियंत्रण की मांग की है।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
