मुंबई प्रेस क्लब में FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे बोले- त्योहारों में खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं..
FDA को पिछले तीन महीनों में 16 हजार शिकायतें प्राप्त हुई!
By Rajesh Jaiswal
मुंबई। मुंबई प्रेस क्लब की ओर से आयोजित एक वार्तालाप कार्यक्रम में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि त्योहारों में खाने की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। खाने की गुणवत्ता जाति, धर्म, पेशे या जगह की सीमा नहीं जानती। इसलिए चाहे गणेशोत्सव का महाप्रसाद हो, स्ट्रीट फूड हो या फाइव स्टार होटल का खाना, फूड सेफ्टी के नियम सभी के लिए समान हैं। यह सख्त चेतावनी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने दी है। तुकाराम मुंढे अपने कड़े प्रशासनिक और मिलावट-विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मिलावटखोरों, गंदे किचनों और नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़े फूड ब्रांड्स व रेस्तरां के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापे मारे हैं।
मुंबई प्रेस क्लब द्वारा आयोजित एक ‘टॉक शो’ में एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने त्योहारों के दौरान फूड सेफ्टी, खाद्य तेल, रेस्टोरेंट, स्कूल फूड, दवाओं की बिक्री, ब्लड बैंक और फूड बिजनेस को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट की।
खुले खाद्य तेल पर प्रतिबंध किसी समुदाय को टारगेट नहीं
मुंढे ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में खुले (लूज) खाद्य तेल की बिक्री की अनुमति नहीं है और यह फैसला किसी विशेष समुदाय को लक्षित कर नहीं लिया गया है। इस संबंध में 2011 से ही नियम लागू हैं और महाराष्ट्र को मिली विशेष छूट को 2020 के बाद आगे नहीं बढ़ाया गया है। इसलिए केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ही खुले तेल की बिक्री पर रोक है।
उन्होंने आगे कहा कि FDA को पिछले तीन महीनों में 16 हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जुलाई अंत तक 3 हजार से अधिक फूड बिजनेस का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के तहत 165 लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि 750 से अधिक प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। कमिश्नर मुंढे ने बताया कि गलतियों में सुधार के बाद दोबारा निरीक्षण कर निलंबन हटाया जाता है, लेकिन नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
रेस्टोरेंट में किचन की सफाई अनिवार्य, बहाने नहीं चलेंगे
तुकाराम मुंढे ने कहा कि कई रेस्टोरेंट स्वयं ही अपने किचन में सुधार और नवीनीकरण कर रहे हैं और सफाई के लिए निश्चित समय पर किचन बंद रखने का निर्णय ले रहे हैं। खाने की जगहों पर कॉकरोच मिलने पर कुछ व्यवसायी अजीब तर्क दे रहे हैं, लेकिन FDA के लिए तर्क से ज्यादा महत्वपूर्ण साक्ष्य और नियमों का पालन है। उन्होंने यह भी बताया कि नागरिकों द्वारा खाने के रंग और दूध के स्वाद में बदलाव की शिकायतें मिल रही हैं। इसके लिए भविष्य में एक औपचारिक फीडबैक सिस्टम तैयार करने की योजना है। FDA का कोई व्यक्तिगत हित नहीं है, हमारा उद्देश्य केवल जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
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लेखक के बारे में
राजेश जायसवाल को पत्रकारिता क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्होंने समाचार लेखन और रिपोर्टिंग के विभिन्न दायित्व निभाए हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
