Mumbai: मानवता की मिसाल बनीं महापौर रितु तावड़े
नवजात के साथ फंसी मां को सरकारी गाड़ी से पहुंचाया घर!
By Rajesh Jaiswal
मुंबई। मुंबई में मानवता और संवेदनशीलता की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। घाटकोपर स्थित संत मुक्ताबाई अस्पताल के बाहर हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पद नहीं, सोच बड़ी होनी चाहिए।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मुंबई में तेज बारिश और हवाएं चल रही थीं, तभी संत मुक्ताबाई अस्पताल के बाहर एक महिला अपनी नवजात बच्ची के साथ घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी। करीब एक घंटे से इंतजार करने के बावजूद उसे कोई साधन नहीं मिल रहा था। गोद में नवजात बच्ची और बारिश के कारण महिला काफी परेशान थी। इसी दौरान मुंबई की महापौर श्रीमती रितु तावड़े अपना निरीक्षण दौरा पूरा कर अस्पताल से बाहर निकल रही थीं। तभी उन्हें नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत रुककर महिला से उसकी परेशानी पूछी और स्थिति को भांपते ही महापौर ने बिना देर किए मानवता का परिचय दिया। उन्होंने महिला और उसकी नवजात बच्ची को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया और कुर्ला के खैरानी मार्ग स्थित उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया।
खास बात यह रही कि महापौर ने पूरे रास्ते में खुद नवजात बच्ची को अपनी गोद में रखा और घर पहुंचने पर मां को सौंपते हुए उसे आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। अस्पताल से घर तक नवजात का यह पहला सफर महापौर की गाड़ी में होना परिवार के लिए बेहद भावुक और यादगार पल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने महापौर के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि विरले ही मिलते हैं। इस घटना से ‘बेटी ही शक्ति है’ और ‘इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है’ का संदेश एक बार फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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लेखक के बारे में
राजेश जायसवाल को पत्रकारिता क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्होंने समाचार लेखन और रिपोर्टिंग के विभिन्न दायित्व निभाए हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
