नशे में स्कूल आने वाले प्रिंसिपल को हटाओ, वरना होगा आंदोलन: अभिजीत दीपके
स्कूल की बदहाली पर अभिजीत दीपके का हंगामा
- शिक्षा अधिकारी को दी आंदोलन की चेतावनी
मुंबई। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘स्कूल ठीक करो’ नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। इसी अभियान के तहत वे अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी के जिला परिषद स्कूल पहुंचे, जहां स्कूल की बदहाल व्यवस्था देखकर उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारी से फोन पर शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।
दीपके ने आरोप लगाया कि स्कूल के प्रिंसिपल शराब के नशे में स्कूल आते हैं। ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने शिक्षा अधिकारी को चेतावनी दी कि यदि मंगलवार तक प्रिंसिपल को पद से नहीं हटाया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
स्कूल के निरीक्षण के दौरान दीपके ने कई अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए बने शौचालयों में पानी तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। स्कूल की टूटी खिड़कियों को ढकने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तस्वीर वाले बैनर लगाए गए थे। वहीं, विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले स्कूल में महज चार बेंच होने का दावा किया गया, जिसके कारण कई बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
https://twitter.com/abhijeet_dipke/status/2088831149661639124?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2088831149661639124%7Ctwgr%5E2a81fe9e5b193fcb15743dd0c0ecedb203a5b688%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.patrika.com%2Fmumbai-news%2Fhingoli-cjp-leader-abhijit-deepke-inspects-govt-school-warning-to-officer-20835772
दीपके ने स्कूल के निरीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर शिक्षा बजट में कटौती का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 94 हजार से अधिक सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नए स्कूलों की जरूरत है, वहां सरकारी स्कूलों को बंद करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। दीपके ने निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर नियंत्रण लगाने की भी मांग की, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर मिल सकें।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
