120 करोड़ के गहनों से सजे राधा-कृष्ण, दर्शन को उमड़ी भीड़

Published By Mahi Khan
On
Mahi Khan Picture

ग्वालियर। देशभर में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का दौर जारी है।

जन्माष्टमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर का ऐतिहासिक और रियासतकालीन गोपाल मंदिर राजसी शृंगार के कारण सुर्खियों में छाया हुआ है।

ग्वालियर के इस ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण का करीब 120 करोड़ रुपये के बेशकीमती रत्नजड़ित आभूषणों से राजसी शृंगार किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में करेंगे भव्य “बलराम जयंती महोत्सव” का शुभारंभ ये खबर भी पढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में करेंगे भव्य “बलराम जयंती महोत्सव” का शुभारंभ

इसे दुनिया के सबसे महंगे धार्मिक शृंगारों में से एक माना जाता है। साल में एक बार होने वाले इस विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

बैंक लॉकर से कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर पहुंचे गहने
जन्माष्टमी पर भगवान के विशेष श्रृंगार के लिए ऐतिहासिक आभूषणों को बैंक लॉकर से निकालकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गोपाल मंदिर लाया गया।

मंदिर पहुंचने के बाद आभूषणों की विशेष सफाई की गई और फिर रत्नों से सजे इन गहनों से भगवान राधा-कृष्ण का मनमोहक श्रृंगार किया गया।

इन बेशकीमती आभूषणों को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आया। मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

बेशकीमती रत्न जड़े आभूषण हैं खास
ग्वालियर के गोपाल मंदिर की स्थापना वर्ष 1921 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक माधवराव सिंधिया प्रथम ने कराई थी।

रियासतकाल में भगवान की पूजा-अर्चना और शृंगार के लिए विशेष रूप से सोने-चांदी के बर्तन और बहुमूल्य आभूषण बनवाए गए थे। इन आभूषणों में हीरा, पन्ना, माणिक, पुखराज, नीलम और मोती जैसे बेशकीमती रत्न जड़े हुए हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को इन दुर्लभ आभूषणों से सजाया जाता है। इनमें राधारानी का पुखराज, माणिक और पन्ना जड़ित करीब तीन किलो वजनी मुकुट, भगवान श्रीकृष्ण का राजसी मुकुट, सफेद मोतियों से बना पंचमढ़ी हार और सात लड़ी का विशेष हार शामिल है।

इस हार में 62 असली मोती और 55 पन्ने जड़े बताए जाते हैं। इसके अलावा सोने के झुमके, नथ, कंठी, चूड़ियां, कड़े और अन्य बहुमूल्य आभूषण भी भगवान के शृंगार का हिस्सा हैं।

इतना ही नहीं, भगवान की पूजा के लिए सोने और चांदी के विशेष बर्तन भी मौजूद हैं। इनमें इत्रदान, पिचकारी, चलनी, धूपदान, छत्र, निरंजनी और अन्य पूजा सामग्री शामिल हैं। रियासतकालीन यह संग्रह आज भी ग्वालियर की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक है।

2007 से नगर निगम की देखरेख में हैं ये आभूषण
देश की आजादी से पहले तक भगवान राधा-कृष्ण को नियमित रूप से इन बेशकीमती जेवरातों से शृंगारित किया जाता था। हालांकि आजादी के बाद सुरक्षा कारणों से इन आभूषणों को बैंक लॉकरों में सुरक्षित रख दिया गया।

वर्ष 2007 से ये आभूषण नगर निगम की देखरेख में हैं और तब से हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन्हें बैंक लॉकर से निकालकर गोपाल मंदिर लाया जाता है।

शृंगार के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहता है।

वर्दीधारी जवानों के साथ सादा कपड़ों में भी पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार पूरे इंतजाम की मॉनिटरिंग करते हैं।

पूरे वर्ष श्रद्धालु करते हैं इंतजार
साल में सिर्फ एक बार जन्माष्टमी के मौके पर होने वाले इस दिव्य और राजसी शृंगार को देखने के लिए श्रद्धालु पूरे साल इंतजार करते हैं। सुबह से ही गोपाल मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

हजारों श्रद्धालु राधा-कृष्ण के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन करने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। आस्था, इतिहास और राजसी वैभव का अद्भुत संगम ग्वालियर के गोपाल मंदिर को देशभर के कृष्ण मंदिरों से अलग बनाता है।

जन्माष्टमी की रात जब राधा-कृष्ण करीब 120 करोड़ रुपये के रत्नजड़ित आभूषणों से सजे नजर आते हैं, तो यह नजारा श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ दर्शन नहीं, बल्कि ग्वालियर की गौरवशाली रियासतकालीन विरासत से रूबरू होने का अवसर भी बन जाता है।

 

लेखक के बारे में

Mahi Khan Picture

माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।

नवीनतम

दीनदयाल पोर्ट ने रचा इतिहास, ट्रांसशिपमेंट में 12.7 MT का आंकड़ा

नई दिल्ली। गुजरात के कच्छ में स्थित दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण (डीपीए), कांडला ने नया कीर्तिमान रचा है। डीपीए ने शिप-टू-शिप...
कारोबार 
दीनदयाल पोर्ट ने रचा इतिहास, ट्रांसशिपमेंट में 12.7 MT का आंकड़ा

ट्रंप ने 9/11 की बरसी से पहले अल-कायदा से जुड़े लोगों पर से हटाया प्रतिबंध

वॉशिंगटन। अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी की तैयारियों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन...
अंतर्राष्ट्रीय 
ट्रंप ने 9/11 की बरसी से पहले अल-कायदा से जुड़े लोगों पर से हटाया प्रतिबंध

राघोपुर में गंगा का थमा कहर, जमींदारी बांध पर संकट...

भागलपुर। जिले के इस्माईलपुर-बिहपुर तटबंध के अंतर्गत आने वाले राघोपुर गांव में पिछले चार दिनों से जारी गंगा नदी का...
बिहार 
राघोपुर में गंगा का थमा कहर, जमींदारी बांध पर संकट...

होर्मुज़ मिशन पर सियोल का मंथन, सैन्य भेजने का फैसला लंबित

सियोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य बल भेजने को लेकर...
अंतर्राष्ट्रीय 
होर्मुज़ मिशन पर सियोल का मंथन, सैन्य भेजने का फैसला लंबित

बोलीविया के सैन्य बेस में भीषण धमाका, 10 की मौत और 62 घायल

ला पाज़। बोलीविया की राजधानी ला पाज़ से करीब 30 किलोमीटर दूर विआचा शहर में शुक्रवार को एक मिलिट्री बैरक...
अंतर्राष्ट्रीय  राजस्थान 
बोलीविया के सैन्य बेस में भीषण धमाका, 10 की मौत और 62 घायल

उत्तर प्रदेश

डीएम कार्यालय का अधिकारी बन प्रधानाध्यापक को ब्लैकमेल करने पर मुकदमा

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र के दांदौ गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
डीएम कार्यालय का अधिकारी बन प्रधानाध्यापक को ब्लैकमेल करने पर मुकदमा

गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

गोरखपुर । भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

मथुरा में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर अजन्मे के जन्मोत्सव का पावन पर्व अत्यंत हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
मथुरा में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

“पापा जल्दी घर आना…” बेटे की आखिरी अपील रह गई अधूरी

बांदा। घर में जन्माष्टमी की तैयारियां चल रही थीं। बच्चे को इंतजार था कि शाम होते ही पापा घर आएंगे...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
“पापा जल्दी घर आना…” बेटे की आखिरी अपील रह गई अधूरी