मप्र के विदिशा पहुंची सीबीआई, करोड़ों के फर्जी गोल्ड लोने के मामले में ज्वेलर्स से की पूछताछ
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा में करोड़ों रुपये के कथित फर्जी गोल्ड लोन मामले की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम सोमवार को विदिशा पहुंची और मामले से जुड़े कई स्थानों पर जांच की। टीम ने एमपी ज्वेलर्स, कैलाश नारायण अमित कुमार ज्वेलर्स समेत अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर दस्तावेजों की पड़ताल की और संबंधित लोगों से पूछताछ की।
मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा से जारी किए गए गोल्ड लोन से जुड़ा है। जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए, जहां लोगों के नाम पर लोन दर्ज मिला, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह का गोल्ड लोन लेने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि बैंक से रिकवरी नोटिस मिलने के बाद कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। लोगों का कहना था कि उन्होंने न तो बैंक से लोन लिया और न ही सोना गिरवी रखने की कोई प्रक्रिया पूरी की।
लोगों की शिकायतों के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान सोने के मूल्यांकन, दस्तावेजों के सत्यापन और लोन स्वीकृति की प्रक्रिया को लेकर सवाल सामने आए। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, गोल्ड लोन स्वीकृत होने से पहले सोने का मूल्यांकन अधिकृत मूल्यांकनकर्ता के माध्यम से किया जाता था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस प्रक्रिया के दौरान कहीं नियमों का उल्लंघन या किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। मामले में बैंक के तत्कालीन प्रबंधक और एक अन्य कर्मचारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अब तक किसी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
ये खबर भी पढ़े : जनसुविधा से समझौता नहीं: 10 लेन सड़क निर्माण के दौरान सुगम यातायात सुनिश्चित करने के निर्देशमामले की प्रारंभिक जांच बैंक ने अपने स्तर पर शुरू की थी। बाद में इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच ईओडब्ल्यू भोपाल को सौंपी गई। अब सीबीआई पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि सोने का मूल्यांकन करने वाले लोगों की भूमिका क्या थी, दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हुआ और लोन मंजूर करने में किन नियमों का पालन किया गया। जांच एजेंसी बैंक रिकॉर्ड, मूल्यांकन रिपोर्ट, लोन फाइल और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
