नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
फर्जी नियुक्ति पत्र से लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा
लखनऊ। राजधानी में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना विकासनगर पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र और कूटरचित ई-मेल आईडी तैयार कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत की गई। मामले में पुलिस उपायुक्त पूर्वी, अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी एवं सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक विकासनगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सफलता हासिल की।
ये खबर भी पढ़े : लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में सख्ती, 16 कोचिंग व व्यावसायिक प्रतिष्ठान सील : अंकुर कौशिकयह मामला शिकायतकर्ता दिलशाद हुसैन पुत्र स्व. हबीब अहमद, निवासी जनपद बरेली की तहरीर पर दर्ज किया गया था। शिकायत के आधार पर 04 नवंबर 2024 को थाना विकासनगर में धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी भादवि के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
जांच में सामने आया कि अभियुक्तगण अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। यह लोग बेरोजगार युवकों को सर्वेयर पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे धनराशि वसूलते थे। विश्वास दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे और कूटरचित ई-मेल आईडी के माध्यम से विभागीय पत्राचार जैसा दिखाकर पीड़ितों को गुमराह किया जाता था।
इस मामले में पुलिस ने पवन पाण्डेय पुत्र स्व. गयानन्द पाण्डेय (निवासी सैदपुर, गाजीपुर, वर्तमान पता दाऊदनगर, थाना मड़ियांव, लखनऊ) और सर्वेश पाण्डेय उर्फ मनोज कुमार यादव पुत्र जगदीश प्रसाद यादव (निवासी जौनपुर, वर्तमान पता दाऊदनगर, थाना मड़ियांव, लखनऊ) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को 21 जून 2026 को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह द्वारा ठगी की गई धनराशि आपस में बांटकर खर्च की जाती थी। वहीं, आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें अन्य जिलों में भी धोखाधड़ी और संगठित अपराध के मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संगठित ठगी गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने वाले अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
