केंद्रीय लेखा अधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग के समक्ष रखी मांगें
-अखिल भारतीय वेतन एवं वरिष्ठ लेखा अधिकारी संगठन
लखनऊ। अखिल भारतीय वेतन एवं वरिष्ठ लेखा अधिकारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने आज लखनऊ में आयोजित आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष केंद्रीय सिविल लेखा सेवा अधिकारियों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों एवं मांगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
संगठन ने आयोग का ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित किया कि केंद्रीय सिविल लेखा सेवा का ऐतिहासिक रूप से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संगठन के साथ समान दर्जा एवं वेतन संरचना रही है। इसके अतिरिक्त, चतुर्थ, पंचम, षष्ठम तथा सप्तम वेतन आयोगों द्वारा विभिन्न लेखा संगठनों के लिए समान वेतनमान एवं सेवा शर्तों की संस्तुति किए जाने के बावजूद केंद्रीय सिविल लेखा सेवा अधिकारियों के वेतनमान एवं पदानुक्रम में उल्लेखनीय विसंगतियां बनी हुई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष यह भी रेखांकित किया कि भारत सरकार की समस्त प्राप्तियों एवं भुगतानों के लेखांकन तथा वित्तीय प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी केंद्रीय सिविल लेखा सेवा के अधिकारियों द्वारा निभाई जाती है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण सेवा को आवश्यक सेवाओं के रूप में मान्यता प्रदान की गई थी। इसके बावजूद सेवा की ऐतिहासिक स्थिति एवं महत्व के अनुरूप वेतन एवं कैडर संरचना का संरक्षण नहीं हो पाया है। संगठन ने आयोग से अनुरोध किया कि इन दीर्घकालिक विसंगतियों को दूर करते हुए केंद्रीय सिविल लेखा सेवा अधिकारियों को उनकी ऐतिहासिक समानता, दायित्वों एवं उत्तरदायित्वों के अनुरूप उचित वेतनमान एवं सेवा स्थिति प्रदान करने की संस्तुति की जाए।
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पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
