पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ के छंद हटाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस से पूछा- मुस्लिम लीग के अनुसार क्यों चले भारत
शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने वंदेमातरम् के मूल स्वरूप से दो छंद हटाए जाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के आठ दशक बाद भी क्या भारत को जिन्ना और मुस्लिम लीग की आपत्तियों के अनुसार चलना चाहिए।
शांता कुमार ने रविवार काे एक बयान में कहा कि वर्ष 1937 तक वंदेमातरम् का पूरा गीत गाया जाता था। उन्होंने दावा किया कि 1937 में मोहम्मद अली जिन्ना और मुस्लिम लीग ने इसके दो छंदों का विरोध किया था, क्योंकि उनमें हिंदू धर्म की देवियों लक्ष्मी और दुर्गा का वंदन किया गया था। इसके बाद कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित कर इन दोनों छंदों को हटाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उसे देवी लक्ष्मी और देवी दुर्गा के वंदन से क्या आपत्ति है। शांता कुमार ने कहा कि देश की आजादी के 80 वर्ष बाद यह विचार करने की आवश्यकता है कि क्या भारत को उस समय मुस्लिम लीग की ओर से उठाई गई आपत्तियों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।
पूर्व केंद्रीयमंत्री ने आरोप लगाया कि “आज के भारत का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ही मुस्लिम लीग बन गई है।” उन्होंने कहा कि देश का जागरूक समाज वंदे मातरम् के साथ हुए इस कथित अन्याय को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
शांता कुमार ने कहा कि वंदेमातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है तथा इसके ऐतिहासिक स्वरूप को लेकर देश में गंभीरता से विचार होना चाहिए।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
