रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठ नेटवर्क पर बंगाल, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में ईडी का छापा

Published By Shishir Patel
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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी फंडिंग और रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में छापेमारी की। इस दौरान पश्चिम बंगाल के कलिलकापुर स्थित हरौरा अल-जमीयतुल इस्लामिया दारुल उलूम से 40 लाख रुपये नकद और 180 ग्राम वजन के सोने के सिक्के बरामद किए गए। ईडी ने बताया कि परिसर के प्रभारी व्यक्ति से इस धन और सोने के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद इसे धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 की धारा 17 के तहत जब्त कर लिया गया।

ईडी ने कहा कि छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है, जिनकी जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई एक संगठित गिरोह पर की गई है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए अवैध घुसपैठ कराने, फर्जी आधार, पैन कार्ड और पासपोर्ट बनवाने तथा विदेशी धन के सहारे घुसपैठियों को भारत में बसाने का काम करता था।

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प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत कुछ सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। इन ट्रस्टों को ब्रिटेन स्थित संस्थाओं से धन प्राप्त होता था, जिसे बाद में छोटी-छोटी किश्तों में संदिग्ध व्यक्तियों को भेजा जाता था, ताकि उन्हें भारत में स्थायी रूप से बसने में मदद मिल सके। इस धन का उपयोग ई-रिक्शा खरीदने, रोजगार उपलब्ध कराने और नकद सहायता देने जैसे कार्यों में किया जाता था।

ईडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय एक समूह अवैध घुसपैठ कराने में मदद करता था, जबकि दूसरा समूह इन घुसपैठियों के लिए फर्जी दस्तावेज़ तैयार करता था। दोनों समूहों के बीच समन्वय के जरिए अवैध प्रवासियों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता था।

तलाशी अभियान के दौरान जिन प्रमुख स्थानों को कवर किया गया उनमें उत्तर 24 परगना स्थित कबीरबाग मिल्लत अकादमी, हरोआ अल-जमीयतुल इस्लामिया दारुल उलूम, तहिरिया वेलफेयर ट्रस्ट, दक्षिण दिल्ली के बाटला हाउस क्षेत्र में कुछ आवासीय परिसर, फरीदाबाद, देवबंद तथा पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में स्थित कई व्यक्तियों और संस्थाओं के ठिकाने शामिल हैं। ईडी ने कहा कि जब्त डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेज़ों की विस्तृत जांच की जा रही है तथा मामले में आगे की जांच जारी है।

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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।

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