भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव, नदी में समाए कई घर
भागलपुर। जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत फरका पंचायत का इंग्लिश गांव इन दिनों भारी तबाही के मुहाने पर खड़ा है। गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और तेज बहाव के कारण क्षेत्र में भीषण कटाव शुरू हो गया है।
देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों के जीवनभर की कमाई से बने कई पक्के मकान और उपजाऊ कृषि भूमि गंगा की मुख्य धारा में समा चुके हैं।
स्थिति इतनी भयावह है कि दर्जनों अन्य घर अब सीधे कटाव की जद (मुहाने) में आ गए हैं। गांव के अस्तित्व पर गहरा संकट मंडरा रहा है और प्रभावित परिवारों के बीच चीख-पुकार मची हुई है।
गंगा के बढ़ते रौद्र रूप को देखकर कटाव की ज़द में आए ग्रामीण बेहद दहशत में हैं। कई लोग बेघर होने के डर से अपने ही पक्के मकानों को खुद अपने हाथों से तोड़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीण घर की खिड़कियां, दरवाजे, चौखट और ईंट-पत्थर बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं ताकि भविष्य में कहीं और ठिकाना बनाते समय कुछ राहत मिल सके। गांव से भारी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो चुका है।
विस्थापित लोग ऊंचे बांधों, सड़कों के किनारे या अन्य सुरक्षित स्थानों पर तिरपाल तानकर शरण ले रहे हैं। इंग्लिश गांव के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्र घोषपुर में भी गंगा की धारा जमीन को तेजी से निगल रही है।
स्थानीय घोषपुर मध्य विद्यालय के खेल मैदान का एक बड़ा हिस्सा पहले ही धंस चुका है, जिससे स्कूल भवन के भी नदी में समाने का खतरा पैदा हो गया है।
अगर समय रहते प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए, तो गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाएगा और पूरी आबादी बेघर हो जाएगी। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से समय रहते पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इंग्लिश गांव और आसपास के रिहायशी इलाकों को स्थायी रूप से बचाने के लिए तत्काल ठोस रिंग बांध या कटाव-रोधी कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।
क्षेत्र में केवल खानापूर्ति के लिए जियो बैग या बालू की बोरियां डालने से इस तेज बहाव को रोकना असंभव साबित हो रहा है। प्रशासनिक सतर्कता और राहत की दरकारकटाव की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और बाढ़ नियंत्रण इकाई को तुरंत सक्रिय होने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि बेघर हुए परिवारों को तत्काल पर्याप्त पॉलीथिन शीट, सूखा राशन, और शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाए, साथ ही खतरे वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था की जाए।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
