तटबंध टूटा, राघोपुर गांव जलमग्न; घरों में कैद होने को मजबूर ग्रामीण
राघोपुर-नरकटिया तटबंध टूटने से खरीक के राघोपुर में घुसा बाढ़ का पानी
- पलायन को मजबूर ग्रामीण
भागलपुर। जिले के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में राघोपुर-नरकटिया तटबंध टूटने के कारण राघोपुर पंचायत के चार वार्ड पूरी तरह बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। पूरा गांव जलमग्न हो चुका है और ग्रामीण अपने ही घरों में 'जल कैदी' बनने को विवश हैं। गांव में इस समय चार से लेकर आठ फीट तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सड़कों और गलियों का नामोनिशान मिट चुका है।
लोग जान जोखिम में डालकर नावों के सहारे ऊंचे स्थानों पर आ-जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। स्थानीय सरपंच के अनुसार, सरकार की ओर से प्रभावितों के लिए चार स्थानों पर सामुदायिक किचन (सामूहिक रसोई) की व्यवस्था की गई है। हालांकि, आवागमन के साधन न होने से लोगों को वहां तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गहरे पानी में आवाजाही के लिए नाव, रहने के लिए तिरपाल, शुद्ध पेयजल और अस्थाई शौचालय की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। तटबंध में अभी भी तेजी से कटाव जारी है। जान-माल के नुकसान की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बांध पर झोपड़ी बनाकर रह रहे लोगों को तुरंत जगह खाली करने का निर्देश दिया है। इसके लिए इलाके में लगातार माइकिंग (मुनादी) कराई जा रही है।
प्रशासन के इस आदेश के बाद वर्षों से बांध पर रह रहे भूमिहीन परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। मायूस ग्रामीणों का कहना है, "हमारे पास न तो कहीं जमीन है और न ही कोई दूसरा घर। हम अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर कहां जाएं? ऐसी स्थिति में सरकार या तो हमें रहने का ठिकाना दे, वरना हमें सपरिवार गंगा में ही बहा दे। फिलहाल, बेबसी के बीच मासूम बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं का भारी मन से पलायन जारी है। ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
