ज़मीनी विवाद ने लिया हिंसक रूप: गौशाला में लगाई आग, आधा दर्जन मवेशी झुलसे, तीन घायल
10 बार फोन किया लेकिन थाना प्रभारी ने नहीं उठाया कॉल'
- जमीन बंटवारे को लेकर चाचा-भतीजे के बीच पुराना विवाद।
- गौशाला में आग लगाने से आधा दर्जन मवेशी झुलसे।
- मारपीट में तीन लोग गंभीर रूप से घायल।
नवादा। जिले से सीतामढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कटघरा गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर चाचा और भतीजे के बीच चल रहा पुराना विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा।
बात इतनी बढ़ गई कि बुधवार को एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की गौशाला को आग के हवाले कर दिया, जिसमें कई बेकसूर आधा दर्जन जानवर बुरी तरह झुलस गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है।
गौशाला में आगजनी के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट भी हुई। इस हिंसक झड़प में चाचा विनोद सिंह, लक्ष्मी देवी और फ्रूटी कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
सभी घायलों को तुरंत नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक दो लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
घायल परिवार ने सीधे तौर पर भतीजे मुरारी सिंह और उसके साथियों पर मारपीट करने और जानबूझकर गौशाला में आग लगाने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था और पहले भी इनके बीच हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय सीतामढ़ी थाना पुलिस पर लापरवाही के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अस्पताल में अपने माता-पिता का इलाज करा रही पीड़िता फ्रूटी कुमारी ने रोते हुए पत्रकारों को बताया कि "जब गौशाला धू-धू कर जल रही थी और हमारे माता-पिता को पीटा जा रहा था, तब हमने मदद के लिए थाना प्रभारी के सरकारी नंबर पर कम से कम 10 बार फोन किया।
लेकिन थाना प्रभारी ने एक बार भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस से कोई मदद नहीं मिली। लंबे इंतजार और पुलिस की बेरुखी के बाद, पीड़ित परिवार ने आपातकालीन सेवा 112 को सूचना दी, जिसके बाद 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
