आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर लगे एक लाख रुपये हर्जाने पर रोक
-अपील पर राज्य सरकार व विपक्षियों से कोर्ट ने मांगा जवाब
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने एकलपीठ द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर एक लाख रुपये हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज करने के खिलाफ विशेष अपील को सुनवाई हेतु स्वीकार कर लिया है और राज्य सरकार व विपक्षी से जवाब मांगा है।
अपील की सुनवाई 14 जुलाई को होगी। कोर्ट ने एकलपीठ द्वारा लगाये गये हर्जाने पर भी रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने शिवराज सिंह की विशेष अपील की सुनवाई करते हुए दिया है।
याची उप्र पावर कार्पाेरेशन लिमिटेड में आउटसोर्सिंग कर्मचारी था। एकलपीठ ने याचिका में आउटसोर्सिंग छिपाने पर याची को सद्भावी याची नहीं माना क्योंकि अपनी नियुक्ति की प्रकृति की कोर्ट को सही जानकारी नहीं दी। इस पर कोर्ट ने याची पर एक लाख रुपये हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी थी। जिसे अपील में चुनौती दी गई है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
