असम चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप से सियासत गरम,सीएम बिस्वा पर लगें गंभीर आरोप
पवन खेड़ा के आरोप हिंमत बिस्वा सरमा का पलटवार: राहुल गांधी ने भी बोला हमला
सीएम की पत्नी पर तीन पासपोर्ट का आरोप, विवाद गहराया
- सरमा बोले- झूठे आरोप, मानहानि का मुकदमा करेंगे
- राहुल का वार- सीएम को जनता से माफी मांगनी होगी
गुवाहाटी/नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की सियासत आरोप-प्रत्यारोप के कारण तेज हो गई है। पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है, वहीं राहुल गांधी ने भी जनसभा में मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने कहा कि इनमें संयुक्त अरब अमीरात का गोल्डन कार्ड, एंटीगुआ और मिस्र के पासपोर्ट शामिल हैं। खेड़ा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से जांच की मांग की और आरोप लगाया कि यह स्थिति या तो भारतीय नागरिकता के नियमों का उल्लंघन है या फिर कानूनी रूप से संदिग्ध है।
ये खबर भी पढ़े : सामगुड़ी: मॉडर्न आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राखखेड़ा ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर पहले भी जमीन, मंदिर चंदा, सब्सिडी और चिटफंड से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है। उन्होंने असम सरकार को ‘लुटेरों की सरकार’ बताते हुए दावा किया कि यह चुनाव हारने की आशंका में देश छोड़ने की तैयारी का संकेत हो सकता है।
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने सभी आरोपों को ‘दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित’ करार देते हुए खारिज कर दिया। सरमा ने कहा कि कांग्रेस गहरी हताशा और घबराहट में इस तरह के आरोप लगा रही है क्योंकि राज्य में भाजपा को ऐतिहासिक जनादेश मिलने वाला है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि उनकी पत्नी अगले 48 घंटे में पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगी।
इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असम के बिश्वनाथ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और एक दिन ऐसा आएगा जब उन्हें जनता के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ेगी।
ये खबर भी पढ़े : पुतिन का भारत को बड़ा रक्षा प्रस्ताव: Su-57 फाइटर जेट पर सहयोग और तकनीक साझा करने की पेशकशप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि असम को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य की जमीन उद्योगपतियों जैसे गौतम अडानी और बाबा रामदेव को दी जा रही है, जबकि यह जमीन असम के लोगों और किसानों की है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जब चाहें प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक करियर खत्म कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नरेन्द्र मोदी और अमित शाह पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। इससे पहले अपने भाषण की शुरूआत में राहुल गांधी ने असम की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि श्रीमंत शंकरदेव, अजान फकीर, जुबीन गर्ग और तरुण गोगोई की है। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग ने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया और कभी किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई।
राहुल गांधी ने भाजपा पर छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने के वादे को पूरा न करने का भी आरोप लगाया। कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर इस वादे को पूरा करेगी। सभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने स्वागत भाषण दिया। राहुल गांधी ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, छोटे व्यवसायों के लिए 50 हजार रुपये की एकमुश्त मदद, 10 लाख परिवारों की जमीन का नियमितीकरण और 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देने का वादा किया।
अंत में उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सोच असम की सांस्कृतिक विरासत और एकता को मजबूत करने की है। असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को और गरमा दिया है, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
