पीएम मोदी ने अथर्ववेद का श्लोक साझा कर दिया संदेश
पर्यावरण संरक्षण पर दिया विशेष जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रातः एक्स पोस्ट में धरती माता के सद्गुणों को याद करते हुए उनकी सेवा करने का संकल्प लिया।
उन्होंने सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि पृथ्वी माता की गोद में सभी प्रकार की वनस्पतियां और औषधियां पुष्पित और पल्लवित होती हैं।
वह सुभाषितम् है, ''विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्। शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥'' यह श्लोक अथर्ववेद के प्रसिद्ध भूमि सूक्त (काण्ड 12, सूक्त 1, मंत्र 17) से लिया गया है। इसमें धरती माता के प्रति गहरे आदर, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक कल्याण की कामना की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस पोस्ट में सुभाषितम् का अर्थ लिखा गया है, ''जिसमें सभी प्रकार की श्रेष्ठ वनस्पतियां और औषधियां पैदा होती हैं, वह पृथ्वी माता विस्तृत और स्थिर हो। विद्या, शौर्य, सत्य, स्नेह आदि सद्गुणों से पालित-पोषित, कल्याणकारी और सुख-साधनों को देने वाली मातृभूमि की हम सदैव सेवा करें।''
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