जंतर-मंतर की घटना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला, सरकार दे जवाब: नाज़िया दानिश
सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने पर उठे सवाल
नीरज अवस्थी
- पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाने पर कांग्रेस दल की नेता ने जताई नाराजगी
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल की नेता नाज़िया दानिश ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाने और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बल प्रयोग की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
नाज़िया दानिश ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है। यदि किसी आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करने, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने या उन्हें हिरासत में लेने के आरोप सामने आते हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ये खबर भी पढ़े : विकसित भारत के लिए भविष्य की प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं पर देना होगा जोर : मोदीउन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल ले जाया गया तथा प्रदर्शन स्थल को खाली कराया गया, तो सरकार और दिल्ली पुलिस को पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए। साथ ही प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोपों की भी पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।
नाज़िया दानिश ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकालना ही उचित रास्ता है। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि वे पूरे मामले में पारदर्शिता बरतें और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
