उतरौला पुलिस की तत्परता से साइबर ठगी के ₹27,275 पीड़ित के खाते में लौटे
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज, पुलिस ने ठग को पकड़ा
मोहम्मद अय्यूब
- साइबर ठगों ने यूपीआई के जरिए उड़ाए ₹53,798
उतरौला (बलरामपुर)। थाना कोतवाली उतरौला पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए ठगी गई राशि में से ₹27,275 पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिए।
पुलिस के अनुसार, ग्राम बिजौरा माफी निवासी अभिजीत कुमार पुत्र रविंद्र कुमार ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 मई 2026 को यूपीआई फ्रॉड के माध्यम से उनके बैंक खाते से ₹53,798 की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली गई।
शिकायत मिलते ही थाना कोतवाली उतरौला की साइबर हेल्पडेस्क ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू की और संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की। जांच के दौरान न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त किए गए, जिसके अनुपालन में बैंक के सहयोग से ₹27,275 की धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
राशि वापस मिलने पर पीड़ित ने थाना कोतवाली उतरौला पुलिस की त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में साइबर प्रभारी उपनिरीक्षक हीरा लाल, कांस्टेबल आशीष सागर, पंकज यादव तथा अनूप मौर्या शामिल रहे।
पुलिस की अपील: बलरामपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो बिना देरी 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई धनराशि को होल्ड कराकर वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
