बिम्सटेक बैठक में डोभाल का संदेश, क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
बिम्सटेक एनएसए की 5वीं बैठक में सुरक्षा, आर्थिक सहयोग पर फोकस
- डोभाल बोले- सहयोग बढ़ाना समय की मांग
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की 5वीं बैठक को भारत के लिए अहम बताते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में क्षेत्रीय सहयोग और समन्वय बढ़ाना समय की मांग है। यह मंच भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति, ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘महासागर’ विजन का प्रतिनिधित्व करता है और सदस्य देशों को उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे।
डोभाल ने यहां बिम्सटेक देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की 5वीं बैठक के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को कहा कि हम एक कठिन वैश्विक परिदृश्य में मिल रहे हैं, जहां संघर्ष, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और तकनीकी व्यवधान बढ़ रहे हैं। वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में रुकावटों ने सभी देशों के लिए आर्थिक कठिनाइयां पैदा की हैं। ऐसे समय में सदस्य देशों को साझा हितों के लिए मिलकर काम करना होगा और समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से निकालना होगा। बिम्सटेक दो तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को जोड़ता है और लगभग 1.7 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, जो विश्व की आबादी का 22 प्रतिशत है। इसका संयुक्त जीडीपी करीब 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है।
एनएसए ने कहा कि बंगाल की खाड़ी केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत के जरिए भी सदस्य देशों को जोड़ती है। इन्हीं ऐतिहासिक संबंधों के आधार पर बिम्सटेक ने विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग विकसित किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सभी लोगों के लिए साझा समृद्धि और लचीलेपन के साथ बेहतर भविष्य का निर्माण करना है।
डोभाल ने कहा कि बिम्सटेक देशों ने आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर खतरों और समुद्री सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने में सहयोग को मजबूत किया है और भविष्य की नई चुनौतियों का भी मिलकर सामना करने के लिए तैयार हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क, क्षमता निर्माण और आर्थिक सहयोग के दीर्घकालिक लक्ष्य हमारी सामूहिक कोशिशों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में एनएसए अजीत डोभाल ने बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की मेजबानी की। बिम्सटेक महासचिव ने सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग की स्थिति का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया और सदस्य देशों को विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति से अवगत कराया। बैठक में आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने, साइबर, समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, संपर्क बढ़ाने, आपदा प्रबंधन को कुशल बनाने और नई चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक समाधान पर चर्चा हुई।
बैठक में मानवीय सहायता और आपदा राहत के समुद्री घटक के लिए दिशा-निर्देश अपनाए गए। इन दिशा-निर्देशों से सदस्य देशों को क्षेत्र में राहत कार्य तेजी से करने में मदद मिलेगी। साथ ही समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समुद्र में होने वाले संपर्कों के दौरान आचरण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों को भी मंजूरी दी गई। इन सिद्धांतों से सदस्य देशों के बीच समुद्री गतिविधियों में सुरक्षा और पूर्वानुमान बढ़ेगा।
बिम्सटेक अगले वर्ष अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस अवसर पर सदस्य देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, संस्थागत क्षमता बढ़ाने और विविध सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए सहयोग और ज्ञान-साझाकरण को और बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
