गौहाटी विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग का पहला पूर्व छात्र सम्मेलन संपन्न, पूर्व छात्र परिषद का गठन
सम्मेलन का उद्देश्य विभाग और पूर्व छात्रों के बीच सहयोग बढ़ाना
गुवाहाटी। गौहाटी विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित एवं सन् 1957 में स्थापित संस्कृत विभाग का प्रथम पूर्व छात्र सम्मेलन संस्कृत विभागाध्यक्ष अध्यापक डॉ. कामेश्वर शुक्ल की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सम्मेलन में विभाग के पूर्व छात्रों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा असम के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों तथा विभिन्न विभागों में सेवारत पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य गुवाहाटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय कुमार गुप्ता थे। विशिष्ट अतिथियों में विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष आचार्य राजेन्द्र नाथ शर्मा, आचार्या सुजाता पुरकायस्थ, आचार्या मंजुला देवी, आचार्या मुक्ता विश्वास, आचार्या नलिनी देवी मिश्र तथा कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातन अध्ययन विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठापक कुलपति आचार्य दीपक कुमार शर्मा उपस्थित रहे।
डॉ. विनिमा बुजरबरुवा के संचालन में उद्घाटन सत्र का शुभारंभ विभाग के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुआ।
विभागाध्यक्ष प्रो. कामेश्वर शुक्ल ने स्वागत भाषण में सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पूर्व छात्रों से विभाग के शैक्षणिक एवं संस्थागत विकास में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। आचार्य जगदीश शर्मा के धन्यवाद् ज्ञापन के साथ इस सत्र का समापन हुआ।
द्वितीय मुक्त चर्चा सत्र का शुभारंभ डॉ. रश्मि रेखा गोस्वामी तथा संचालन आचार्या मुक्ता विश्वास ने किया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने संस्कृत विभाग के विकास, अकादमिक उत्कृष्टता तथा भावी योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन के समापन सत्र में "प्राक्तन विद्यार्थी परिषद् " संस्कृत विभाग, गौहाटी विश्वविद्यालय का गठन किया गया। सर्वसम्मति से विभागाध्यक्ष प्रो. कामेश्वर शुक्ल को संगठन का प्रथम अध्यक्ष तथा प्रो. जगदीश शर्मा को महासचिव चुना गया।
डॉ. मानसी शर्मा, डॉ. प्रबोध चन्द्र गोस्वामी एवं डॉ. द्विजेन शर्मा को उपसभापति तथा डॉ. विनिमा बुजरबरुवा और डॉ. मणि शर्मा को संयुक्त सचिव, डॉ. गौतम चौधरी , डॉ. रश्मि रेखा गोस्वामी डॉ. मृदुस्मिता देवी, डॉ. रुबुल बर्मन और भगवान शर्मा को सह सचिव एवं डॉ. उदिता भट्टाचार्या को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
इस सम्मेलन ने विभाग के पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों के बीच संवाद, सहयोग तथा संस्कृत अध्ययन के संवर्धन की दिशा में एक नए अध्याय का शुभारंभ किया।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
