भाजपा शासित MCD के तबादला आदेश पर विवाद, मृत कर्मचारियों के नाम शामिल होने का आरोप
मृत और निलंबित कर्मचारियों के नाम शामिल होने का आरोप
नीरज अवस्थी
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जारी तबादला आदेश को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि निगम के हालिया ट्रांसफर आदेश में ऐसे जूनियर इंजीनियरों (JE) के नाम भी शामिल कर दिए गए, जिनमें से दो का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि एक अधिकारी लंबे समय से निलंबित चल रहा है।
आरोपों के अनुसार, JE अपूर्व भटनागर का लगभग सात महीने पहले निधन हो चुका है, जबकि JE प्रतीक का भी कुछ महीने पूर्व निधन हो गया था। इसके अलावा JE गौरव गर्ग पिछले करीब नौ महीने से निलंबित बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद इन तीनों के नाम तबादला सूची में शामिल होने से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ये खबर भी पढ़े : मौसम 3 जून: 15 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, 90 की स्पीड से हवा, अपडेट जारीविपक्षी नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा है कि जब मृत और निलंबित कर्मचारियों के नाम तक रिकॉर्ड से अपडेट नहीं किए गए हैं, तो अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
मामले को लेकर भाजपा शासित MCD प्रशासन और महापौर प्रवेश वाही से जवाब मांगा जा रहा है। साथ ही यह मांग भी उठ रही है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन क्यों नहीं किया गया और इस कथित चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल MCD की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह निगम के प्रशासनिक तंत्र में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो सकती है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
