खड़गे के कथित बयान पर असम में विवाद, आरएसएस ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
गुवाहाटी/सिलचर। असम में चुनावी माहौल के बीच एक कथित विवादास्पद बयान को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की उत्तर असम और दक्षिण असम इकाइयों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
यह शिकायत गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन और सिलचर पुलिस स्टेशन में अलग-अलग दर्ज कराई गई है। आरएसएस का आरोप है कि दक्षिण असम के श्रीभूमि जिले के करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के नीलामबाजार में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए भाषण में धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
ये खबर भी पढ़े : अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामला : हाईकोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद रखी बरकरार शिकायत में दावा किया गया है कि खड़गे ने आरएसएस और भाजपा की विचारधारा की तुलना “ज़हरीले साँप” से करते हुए उनके खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि भाषण में एक उदाहरण के माध्यम से यह कहा गया कि यदि कोई खतरा सामने हो तो पहले उसे खत्म करना चाहिए, जिसे आरएसएस ने उकसावेपूर्ण और संवेदनशील बताया है।
भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की ओर से दायर शिकायतों में कहा गया है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल में सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। संगठन का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच वैमनस्य और तनाव को बढ़ावा दे सकती हैं।
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह बयान जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत आपत्तिजनक चुनावी आचरण की श्रेणी में आ सकता है। साथ ही इसे सार्वजनिक शांति को भंग करने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाला बताया गया है।
आरएसएस ने प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन चुनावी मंचों पर ऐसी भाषा का उपयोग नहीं होना चाहिए जो सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करे।
फिलहाल इस मामले पर कांग्रेस पार्टी या मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन ने शिकायतों को प्राप्त कर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
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