बिजली व्यवस्था को बनाएं रखने के लिए पद भरे जाएं : संघर्ष समिति
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश की निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पावर कॉरपोरेशन में सभी स्तरों पर रिक्त पड़े कर्मचारियों एवं अभियंताओं के पदों को तत्काल भरा जाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही निजीकरण एवं वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर हटाए गए अनुभवी संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए तथा कर्मचारियों और अभियंताओं के विरुद्ध लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को समाप्त कर सकारात्मक कार्य वातावरण बनाया जाए। संघर्ष समिति ने कहा है कि वर्ष 2000 में जब राज्य बिजली बोर्ड का विघटन हुआ था तब प्रदेश में लगभग 60 लाख उपभोक्ता थे और एक लाख बीस हजार नियमित कर्मचारी थे। आज उपभोक्ताओं की संख्या 373 लाख हो गई है और नियमित कर्मचारियों की संख्या 30 हजार से भी काम रह गई है। संघर्ष समिति ने कहा कि एक ओर नियमित पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर निजीकरण और वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर पिछले दो वर्षों में 25 हजार से अधिक अनुभवी संविदा कर्मियों को कार्य से हटा दिया गया है। इन कर्मियों ने वर्षों तक बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके हटाए जाने से विद्युत वितरण, अनुरक्षण एवं उपभोक्ता सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी के दौरान बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में यदि सरकार और पावर कॉरपोरेशन निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहते हैं तो उन्हें युद्धस्तर पर नियमित भर्ती प्रारंभ करनी होगी, सभी रिक्त पदों को भरना होगा, हटाए गए संविदा कर्मियों को तत्काल कार्य पर वापस लेना होगा।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
