लद्दाख में प्रशासनिक बदलाव: पांच नए जिलों के गठन होने से संख्या सात हुई

Published By Harshit
On
Harshit Picture
By Harshit

लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की। इसके साथ ही अब लद्दाख में जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है।

अधिकारियों के अनुसार, नवगठित जिलों में नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना, सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में विकास को गति देना तथा स्थानीय स्तर पर शासन को अधिक प्रभावी बनाना है।

तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या पहुंची 11, परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान  ये खबर भी पढ़े : तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या पहुंची 11, परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

नुब्रा जिला अपने सामरिक महत्व और ऊंचाई वाले भौगोलिक क्षेत्र के कारण जाना जाता है, जहां पर्यटन अवसंरचना को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। वहीं शाम क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में काम होगा। चांगथांग में पारंपरिक जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की योजना है।

नेपाल : सत्तारूढ़ दल के सांसद ने पार्टी के राजनीतिक प्रस्ताव का किया विरोध ये खबर भी पढ़े : नेपाल : सत्तारूढ़ दल के सांसद ने पार्टी के राजनीतिक प्रस्ताव का किया विरोध

जांस्कर जिले में सड़क संपर्क सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रहेगा, जबकि द्रास, जो अपनी रणनीतिक स्थिति के लिए प्रसिद्ध है, वहां बुनियादी ढांचे के विस्तार और सैन्य सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

आपातकाल की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे, लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष देश की धरोहर: रेखा गुप्ता ये खबर भी पढ़े : आपातकाल की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे, लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष देश की धरोहर: रेखा गुप्ता

यह निर्णय मूल रूप से अगस्त 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद लिया गया था, जिसे अब अप्रैल 2026 में औपचारिक रूप से अधिसूचित कर लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

हालांकि, इस प्रशासनिक पुनर्गठन के बीच लद्दाख में राजनीतिक और सामाजिक मांगें भी लगातार उठती रही हैं। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस जैसे संगठन 2021 से राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करने और स्थानीय नौकरियों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

संबंधित खबरें

लेखक के बारे में

Harshit Picture

हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

नवीनतम

तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

कौशाम्बी। जिले के सिराथू तहसील के ग्राम सभा थोन में तालाब की भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों...
उत्तर प्रदेश 
तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

दवा प्रतिनिधियों की निजता के हनन और गैर-जरूरी मॉनिटरिंग पर रोक लगाने के लिए UPMSRA ने IMA सचिव को सौंपा ज्ञापन

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (UPMSRA) अलीगढ़ इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)...
उत्तर प्रदेश 
दवा प्रतिनिधियों की निजता के हनन और गैर-जरूरी मॉनिटरिंग पर रोक लगाने के लिए UPMSRA ने IMA सचिव को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश

तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

कौशाम्बी। जिले के सिराथू तहसील के ग्राम सभा थोन में तालाब की भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों...
उत्तर प्रदेश 
तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

दवा प्रतिनिधियों की निजता के हनन और गैर-जरूरी मॉनिटरिंग पर रोक लगाने के लिए UPMSRA ने IMA सचिव को सौंपा ज्ञापन

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (UPMSRA) अलीगढ़ इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)...
उत्तर प्रदेश 
दवा प्रतिनिधियों की निजता के हनन और गैर-जरूरी मॉनिटरिंग पर रोक लगाने के लिए UPMSRA ने IMA सचिव को सौंपा ज्ञापन