असम में बाढ़ से 89 मौतें, नड्डा करेंगे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
10 जिलों में अभी भी बाढ़ का असर
गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने केंद्रीयमंत्री जेपी नड्डा असम पहुंचे हैं। आज वे बाढ़ में पूरी तरह से नष्ट हुए शिवसागर जिले के नेपाली खूंटी गांव का भी दौरा करेंगे।
उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा भी रहेंगे। बाढ़ से ऊपरी असम के मुख्य रूप से चार जिलों शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट एवं गोलाघाट बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
हालांकि नदियों का जलस्तर घट गया है। मगर पानी और कीचड़ घरों और रास्तों में अभी भी भरा हुआ है। सरकार के साथ ही स्वयंसेवी संगठन एवं अपने स्तर पर लोग प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत कार्य में अपनी मदद कर रहे हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के 4 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ धनसिरि नदी (नुमलीगढ़) इलाके में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
मंगलवार को शिवसागर में एक एवं गोलाघाट जिले में एक शव बरामद हुआ। बाढ़ से राज्य में मृतकों की कुल संख्या 89 पहुंच गई है। बाढ़ से अभी भी 10 जिले बुरी तरह से प्रभावित हैं।
प्रभावित जिलों में शिवसागर, धेमाजी, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, चराईदेव, कामरूप (मेट्रो), बिश्वनाथ, लखीमपुर, जोरहाट एवं नगांव जिला शामिल हैं।
बाढ़ से इन जिलों के 28 राजस्व मंडलों के कुल 365 गांव प्रभावित हैं। राज्य की कुल 122137 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 15342.92 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अभी भी 39 राहत शिविर एवं 16 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 55 शिविर क्रियान्वित रखे हैं। राहत शिविरों में 12382 लोग आश्रय लिए हुए हैं। जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 5475 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।
राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, सेना/अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, एयर फोर्स, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
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