उतर जाएगा आंखों पर लगा चश्मा
आंखों :पालक, मेथी और केल जैसी हरी सब्जियों में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन नामक एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये तत्व आंखों के मैक्युला को सुरक्षित रखते हैं और मोतियाबिंद व बढ़ती उम्र के साथ कम होने वाली रोशनी के खतरे को कम करते हैं।
संतरा, मौसंबी, नींबू और आंवला जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। विटामिन सी आंखों के ब्लड वेसल्स को मजबूत रखता है और मोतियाबिंद के खतरे को कम करता है। आंवले का जूस या मुरब्बा आंखों के लिए बेहद फायदेमंद है।
गाजर को आंखों के लिए वरदान माना जाता है। इसमें बीटा-कैरोटीन होता है, जिसे हमारा शरीर विटामिन A में बदल देता है। विटामिन ए आंखों के रेटीना को स्वस्थ रखता है और रात के अंधेरे में साफ देखने की क्षमता को बढ़ाता है।
अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो टूना या साल्मन जैसी मछलियां खाएं। वेजिटेरियन लोग इसकी जगह अलसी के बीज या चिया सीड्स ले सकते हैं। इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड आंखों की ड्राईनेस की समस्या को दूर करता है और रेटीना को अंदर से मजबूती देता है।
सूखे मेवे, खासकर बादाम और अखरोट में विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। विटामिन ई आंखों की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। रोज सुबह 4-5 भीगे हुए बादाम खाने से आंखों की रोशनी में सुधार होता है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
