दांतों में लगे कीड़े और कैविटी से छुटकारा दिलाएंगे ये उपाय
दांतों की कैविटी :अगर एक बार दात में कैविटी बन गई, तो वो वापस से कभी भी ठीक नहीं होगी। ये बात आपने भी सुनी होगी और 90% केसे में ये सच भी होता है। अगर आप अपने दातों में दर्द और सेंसिटिविटी से परिशान हैं। पानी ठंडा गरम लगता हैं या कैविटी बढ़ गयी हैं तो डॉक्टर सलीम ज़ैदी के इन टिप्स को ज़रूर फॉलो करें।
दांतों का पीलापन दूर करने के लिए ये नुस्खें आज़माए
मुलेथी: मुलेथी को इंग्लिश में लिकोराइस रूट भी कहते हैं और आयुर्वेद में इसे यश्टी मधू कहते हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि मुलेथी ये गले की खराश के लिए होती है तो हम आपको बता दें यह हजारों साल पुराना नस्का है। UCLA School of Dentistry की एक रिसर्च में पाया गया कि मुलेथी में दो कमपाउंट होते हैं। लाइको रिसिडिन और लाइको राइजो फ्लेवन ए जो स्ट्रेप्टो कोकस म्यूटन्स को यानी कैविटी वाले बैक्टेरिया को सीधा मार देते हैं। आप मुलेथी की एक छोटी स्टिक का एक सिरा अपने मुंह में रखकर उसे धीरे-धीरे चबा सकते हैं या इसका रस चूस सकते हैं। इसके अलावा, आप मुलेथी की चाय (काढ़ा) बनाकर भी पी सकते हैं।
ग्रीन टी: ग्रीन टी आजकल हर एक घर में पी जाती हैं लोग इसके बारे में बहुत अच्छे से जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं यह दांतों से पीलापन और सांसों की बदबू दूर करता है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स (जिन्हें कैटेचिन कहा जाता है) मुंह में बैक्टीरिया को पनपने से रोकते हैं, जिससे बदबू की समस्या खत्म होती है।
ऑयल पुलिंग: ऑयल पुलिंग एक प्राचीन आयुर्वेदिक क्रिया है जिसमें लगभग एक चम्मच नारियल, तिल या सूरजमुखी के तेल को 15-20 मिनट तक मुंह में घुमाया जाता है। इसे बाद में थूक दिया जाता है। यह मसूड़ों को मजबूत करने, सांसों की दुर्गंध दूर करने और प्लाक कम करने में मदद करता है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
