सेशेल्स में पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत, समुद्री साझेदारी को मिलेगी नई धार
राष्ट्रपति हर्मिनी ने किया स्वागत, पीएम मोदी राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंच गए। राजधानी विक्टोरिया के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने स्वयं उनकी अगवानी की। इसके बाद वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा 29 जून तक चलेगा और इसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक एवं समुद्री कूटनीति को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेशेल्स रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार है। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक निकटता पर आधारित हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगी और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाएगी।
सेशेल्स पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति हर्मिनी का आत्मीय स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का मूल्यवान समुद्री साझेदार और घनिष्ठ मित्र है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने तथा लोगों के हित में सहयोग बढ़ाने पर सार्थक चर्चा होगी। भारतीय समुदाय के स्वागत से अभिभूत प्रधानमंत्री ने उनका भी आभार व्यक्त किया।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वह राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार, क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता जैसे विषयों पर दोनों देशों के बीच व्यापक चर्चा होगी। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे, जिसे दोनों देशों के संसदीय संबंधों में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत अपनी 'विजन सागर' और 'ग्लोबल साउथ' नीति के तहत सेशेल्स के साथ रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह यात्रा भारत की समुद्री कूटनीति को नई दिशा देने के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
