आरआरबी का रिकॉर्ड मुनाफा 10,176 करोड़, कर्ज बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली। देश के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक 10,176 करोड़ रुपये (समेकित रूप से लगभग 10,176 करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि आरआरबी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 में 49 फीसदी बढ़कर 10,176 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 6,820 करोड़ रुपये रहा था।
वहीं, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनएनपीए) यानी फंसा कर्ज भी घटकर अब तक के सबसे निचले स्तर क्रमशः 5.3 फीसदी और 2.1 फीसदी पर आ गया है।
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने बैठक के दौरान अपने संबोधन में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) से बेहतर वित्तीय प्रदर्शन बनाए रखने और अंतिम छोर तक ऋण प्रवाह को और मजबूत करने का आग्रह किया।
लोहिया ने आरआरबी के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में सभी आरआरबी के उल्लेखनीय प्रदर्शन की सराहना की।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि सभी 28 आरआरबी का कुल कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 में 13.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कुछ व्यक्तिगत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के कारोबार से भी अधिक है।
वर्तमान में 28 आरआरबी 26 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 700 जिलों में 22,273 शाखाओं के माध्यम से काम कर रहे हैं।
आरआरबी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आज नई दिल्ली में वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में नाबार्ड अध्यक्ष, सभी 28 आरआरबी के अध्यक्ष, वित्तीय सेवाएं विभाग के अधिकारी, प्रायोजक बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) के अधिकारी मौजूद थे।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
