सरकार ने नेपाल को 20 टन गैर-बासमती चावल भेजने की अनुमति दी

सरकार ने नेपाल को 20 टन गैर-बासमती चावल भेजने की अनुमति दी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नेपाल में भूकंप पीड़ितों के लिए दान के रूप में 20 टन गैर-बासमती चावल भेजने की अनुमति दी है। यह अनुमति भारतीय चावल निर्यातक संघ को दी गई है। इसके अलावा 5 अन्य देशों को 2.40 लाख टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी गई है। यह छूट एक बार के लिए प्रदान की गई है। पिछले महीने पतंजलि आयुर्वेद को भी ऐसी ही छूट मिली थी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने गुरुवार को एक अधिसूचना में कहा कि नेपाल भूकंप पीड़ितों को दान के तौर पर 20 टन गैर-बासमती सफेद चावल भेजने की अनुमति दी गई है। यह चावल के निर्यात के लिए भारतीय चावल निर्यातक संघ को निषेध से एक बार की छूट दी गई है।

डीजीएफटी की एक अन्य अधिसूचना में कोमोरोस, मेडागास्कर, इक्वेटोरियल गिनी, मिस्र और केन्या सहित पांच देशों को 2.40 लाख टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी गई है। कोमोरोस के लिए अधिसूचित आपूर्ति की मात्रा 20 हजार टन है। मेडागास्कर के लिए यह 50 हजार टन, इक्वेटोरियल गिनी के लिए 10 हजार टन, मिस्र के लिए 60 हजार टन और केन्या के लिए एक लाख टन है। डीजीएफटी ने अधिसूचना में नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के माध्यम से इन देशों को गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात अधिसूचित किया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने जुलाई में गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसकी वजह देश में चावल उत्पादन की स्थिति और कीमतों को नियंत्रित करना था।

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