सुल्तानपुर के जेई अमित श्रीवास्तव के खिलाफ पीड़ित उपभोक्ता जायेंगे उपभोक्ता फोरम

स्वेक्षाचारी जेई अमित श्रीवास्तव के खिलाफ कराएंगे भ्रष्टाचार की जांच–पीड़ित उपभोक्ता

 सुल्तानपुर के जेई अमित श्रीवास्तव के खिलाफ पीड़ित उपभोक्ता जायेंगे उपभोक्ता फोरम

सुल्तानपुर। बिजली उपभोक्ताओं को बिना नोटिस दिए जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा कनेक्शन काटने का मामला ठंडा होने के स्थान पर तूल पकड़ता जा रहा है। यह प्रकरण सौरमऊ (बैंक कॉलोनी)में दिनांक 02.02.24 को जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा डेढ़ दर्जन कथित बिजली विभाग के कथित कर्मचारी साथ पहुंच कर बिना किसी कारण के बताए और नोटिस दिए बिना बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन को काट दिया। घर में छोटे छोटे बच्चे और बुजुर्ग है जो ठंड में भाप आदि लेकर ठंड से बच रहे हैं। उनको परेशानी का सामना करना पड़ा।            
       पीड़ित उपभोक्ताओं ने इस स्वेक्षाचारी जेई के इस कुकृत्य की शिकायत ऊर्जा मंत्री से करते हुए कार्यवाही की मांग की है। पीड़ित उपभोक्ताओं ने अपनी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की जो अधिशाषी अभियंता के कार्यालय में लंबित है।
         उपभोक्ताओं ने कहा की जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा बिना नोटिस बिजली कनेक्शन काटने से अत्यधिक मानसिक पीड़ा के साथ साथ चिकित्सीय समस्या आई है। जिसके लिए सोमवार को अधीक्षण अभियंता से मुलाकात कर स्वेक्षाचारी और सरकार के शासनादेश को पैरों के नीचे रखने वाले जेई अमित श्रीवास्तव पर कार्यवाही न होने पर बिजली विभाग के अधिकारियों को विधिक नोटिस भेज कर उपभोक्ता अदालत में वाद दायर किया जायेगा। जिससे भविष्य कोई स्वेक्षाचारी अधिकारी, जेई अमित श्रीवास्तव जैसा कुकृत्य कर उपभोक्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का दुस्साहस न कर सके। जेई अमित श्रीवास्तव के कुकृत्य से पीड़ित उपभोक्ताओं ने कहा है की अब जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा जनपद में कितने कनेक्शन पीडी कराए गए हैं इसकी निष्पक्षता से जांच कराएंगे।
          सुल्तानपुर में पीडी कनेक्शन के नाम पर बहुत बड़े भ्रष्टाचार बू आ रही है। देखना अब यह है की इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अधीक्षण अभियंता सुल्तानपुर आगे आकर ईमानदार छवि और निष्पक्षता का परिचय देते हुए जांच कराते हैं या जेई अमित श्रीवास्तव के कुकृत्य पर लीपापोती का प्रयास करते हैं।
       बिजली विभाग के उपभोक्ताओं को भ्रष्टाचार के पोषक बिजली विभाग के कर्मचारी या अधिकारी द्वारा अब निरीक्षण के नाम पर धोखाधड़ी नहीं की जा सकती है। जिसके लिए सरकार ने शासनादेश जारी कर बिजली विभाग के कर्मचारी को काम के प्रति जवाबदेह माना है। सबसे पहले बिजली विभाग का कोई कर्मचारी या अधिकारी उपभोक्ता के घर मीटर रीडिंग या चेकिंग के लिए जा रहा है तो सबसे पहले उपभोक्ता निरीक्षण हेतु आए कर्मचारी या अधिकारी से उसका परिचय पत्र मांग सकता है। इसके साथ ही उपभोक्ता जियो टैगिंग फोटो भी खींचेगा और चेकिंग करने वाली टीम को मौके से ही जांच आख्या को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। ऐसा न करने वाले बिजली विभाग के निरंकुश कर्मचारी या अधिकारी पर इससे जुड़ी शिकायत होने पर तत्काल प्रभाव से कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी।
बिजली के उपभोक्तओं का अधिकार में निम्न अधिकार मिले है जिसको सभी को जानना होगा।
        बिजली कर्मचारी या अधिकारी से उपभोक्ता उनका परिचय और पद आदि का पूरा विवरण मांग सकता है और उन्हें कर्मचारी या अधिकारी जवाब दिया जाएगा। अगर किसी भी उपभोक्ता से जुड़ी जांच उसके घर पर की जाती है तो कर्मचारियों को तत्काल फोटो के साथ जांच आख्या पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। उपभोक्ता बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए बिजली कर्मचारी या अधिकारी से उनके कार्यालय में ही मिले, जिससे उनकी समस्या का समाधान तुरंत हो सके। अगर किसी भी उपभोक्ता को बिजली से जुड़ी निरीक्षण आदि के समय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो तत्काल 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
    पाठकों एवं उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए बताना है की सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिजली कंपनी की ड्यूटी है कि वह अपने इलाके के हर परिसर में बिजली सप्लाई करे। इलेक्ट्रिसिटी ऐक्ट के तहत कंपनी इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। वसंत कुंज में रहने वाली एक महिला ने बिजली सप्लाई काटे जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
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