एल्बेंडाजोल दवा खाने का नही कोई साइड इफेक्ट- सीएमओ

एल्बेंडाजोल दवा खाने का नही कोई साइड इफेक्ट- सीएमओ

ललितपुर। प्रशांति विद्या मंदिर, गोविन्द नगर में जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन द्वारा फीता काटकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन किया गया। उन्होंने बताया कि एल्वेंडाजोल के सेवन से कृमि संकमण से बचाव होता है यह दवा पूर्णतया सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। उन्होने बेहिचक दवा सेवन करने के लिये कहा। इस अवसर पर प्रभारी सी०एम०ओ० डा० वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एन०डी०डी०) कार्यक्रम के अन्तर्गत सरकारी स्कूलों निजी विद्यालयों व आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़े निकालने के लिये दवा एल्बेडाजोल खिलाई जा रही है। एक से तीन साल के बच्चों को टेबलेट का चूरा कर पानी के साथ खिलाया जायेगा।
 
बड़े बच्चों को दवा चबाकर खानी है। उन्होनें कहा कि बीमार बच्चे को कृनि मुक्ति की दवा नहीं खिलाई जायेगी। डिस्ट्रिक्ट पब्लिक हैल्थ स्पेशलिस्ट, डा० सौरभ सक्सेना ने बताया कि अगर कीड़े पेट में मौजूद है तो बच्चे के आहार का पूरा पोषण कृमि हजम कर जाते हैं। इससे बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है। बच्चा धीरे-धीरे खून की कमी (एनीमिया) समेत अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। कृमि से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिये यह दवा एक बेहतर उपाय है। आर०बी०एस०के० डीईआईसी मैनेजर डा० सुखदेव ने बताया कि एनडीडी कार्यकम साल में दो बार मनाया जाता है।
 
जिला कार्यक्रम प्रबंधक,  रजिया फिरोज ने बताया कि एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिये जिले में 5.71 लाख बच्चों को एल्बैडाजोल खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। डा० राजेश भारती ने कहा कि किसी भी अभिभावक को यह टेबलेट रखने या बाद में खिलाने के लिये नहीं देनी है। यह दवा आशा व आंगनवाडी के सामने ही बच्चों को खिलानी है। उन्होनें खाने से पहले और शौच के बाद अपने हाथ साबुन से धोने, साफ और स्वच्छ पानी पीने की सलाह बच्चों को दी। कार्यक्रम का संचालन जिला मातृ एवं शिशु परामर्शदाता, रविशंकर झों के द्वारा किया गया। अंत में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डा० वीरेन्द्र सिंह ने समस्त अतिथियों को आभार ज्ञापित किया।
 
 
 
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