(natural beauty)
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मध्यप्रदेश के इन झरनो में प्राकृतिक सौंदर्यता (natural beauty)की झलक

मध्य प्रदेश के कुछ ऐसे प्रसिद्ध झरनों:प्रकृति ने मध्यप्रदेश को प्राकृतिक सौंदर्य (natural beauty) से भरपूर किया है प्राकृतिक दृश्य देख उसमे खो जायेगे यदि आप छुट्टियों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मध्य प्रदेश में ऐसे कई झरने हैं जो बेहद खूबसूरत हैं .

आज के इस भागदौड़ वाली जिंदगी में हम खुद को इतना व्यस्त कर लिए हैं कि हमेशा स्ट्रेश में रहते हैं. हमेशा व्यस्त रहना और तनाव झेलना हमारे स्वास्थ्य के लिए आगे चलकर नुकसानदायक हो सकता है. विशेषज्ञों की मानें तो तनाव को दूर करने के लिए हमें समय-समय पर दैनिक और ऑफिस के कार्यों से कुछ दिन के लिए छुट्टी लेकर प्राकृतिक जगहों पर घूमना चाहिए. घूमने से हमारा तनाव तो दूर होता ही है, साथ ही हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और हमारे हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है. ऐसे में यदि आप भी यदि प्राकृतिक जगहों पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आज हम आपको मध्य प्रदेश के कुछ ऐसे प्रसिद्ध झरनों के बारे में बता रहे हैं, जहां जाकर आप प्राकृतिक नजारों को निहार सकते हैं.

पातालपानी जलप्रपात
मध्य प्रदेश के फेमस जलप्रपातों में से एक पातालपानी जलप्रपात है. यह जलप्रपात इंदौर जिले की महू तहसील में है. पातालपानी चोरल नदी पर स्थित है. यहां का हरा-भरा प्राकृतिक छटा पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है. यह जल प्रपात 91 मीटर है. यहां जाने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन पाताल पानी है. यह बहुत फेमस पिकनिक स्पॉट है.

धुंआधार जलप्रपात
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में धुआंधार जलप्रपात स्थित है. यह जलप्रपात भेड़ाघाट में नर्मदा नदी पर स्थित है. धुंआदार जलप्रपात को देखने के लिए देश के कोने-कोने से सैलानी आते हैं. इस प्राकृतिक स्थल की खूबसूरती पर्यटकों का मन मोह लेती है और लोग खीचे चले आते हैं. इसका पानी करीब 10 मीटर की ऊंचाई से गिरता है. इस झरने की गर्जना मीलों तक सुनाई देती है. यह झरना जबलपुर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर है.धुआंधार जलप्रपात पिकनिक मनाने के लिए भी सबसे अच्छी जगह में से एक है, आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने जा सकते हैं.

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पांडव जलप्रपात
मध्य प्रदेश के प्राकृतिक झरनों में से एक पन्ना जिले के राष्टीय उद्यान के अंदर पांडव जलप्रपात है. यह झरना केन नदी की सहायक नदी पर स्थित है. यहां सहायक नदी 30 मीटर की ऊंचाई से गिरते हुए यह जलप्रपात बनाती है, जिसका आगे चलकर केन नदी में विलय हो जाता है. पांडल जलप्रपात के समीप गुफाएं हैं जो पांडवों से संबंधित धार्मिक स्थल है.

बहूती जलप्रपात
बहूती जलप्रपात मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा झरना है. इसकी ऊंचाई 198 मीटर है. (650 फीट) यह सेलर नदी पर स्थित है. सेलर नदी मौहगंज की घाटी से निकलकर बिहड़ नदी में मिलती है. यहां का प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को अपने तरफ खीचता है और पर्यटक यहां खींचे चले आते हैं.

कपिलधार जलप्रपात
अनूपपुर जिले के अमरकंक में कपिलधारा जलप्रपात स्थित है. यह जलप्रपात नर्मदा नदी पर स्थित पहला जलप्रपात है. यहां पर पानी 100 फीट की ऊंचाई से मेकर पर्वर की पहाड़ियों से गिरता है. इस झरने के पास कपिल मुनि का आश्रम है, जिसके चलते इस जलप्रपात का नाम कपिलधारा जलप्रपात पड़ा. यह पर्यटकों के लिए बहतु अलौकिक और खूबसूरत स्थान है. यहां पवित्र नर्मदा का जल दूध की तरह सफेद दिखाई देता है. यदि आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह प्राकृतिक स्थानों में बहुत खूबसूरत स्थान है.