उन्नाव के डिप्टी सीवीओ हरिओम पटेल की कार्यशैली चर्चाओं में
मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज की नाराजगी के बाद सीवीओ ने डिप्टी सीवीओ हरिओम पटेल से मांगा स्पष्टीकरण
वायरल तस्वीरों, योजनाओं की जांच और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर उठ सवाल
उन्नाव। पशुपालन विभाग में तैनात उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (डिप्टी सीवीओ) डॉ. हरिओम पटेल की कार्यशैली एक बार फिर चर्चाओं में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार उन्हें विभिन्न योजनाओं के नोडल अधिकारी के साथ-साथ सदर पशु चिकित्सालय के प्रभारी डिप्टी सीवीओ की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसके अलावा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) के अवकाश पर रहने के दौरान उन्हें प्रभारी सीवीओ का कार्यभार भी दिया जाता रहा है।
कुछ समय पूर्व डॉ. हरिओम पटेल की सीवीओ की कुर्सी पर बैठे हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। मामले को लेकर चर्चा का दौर चला, हालांकि खबर प्रकाशित होने के बाद भी लंबे समय तक किसी प्रकार की जवाबदेही तय नहीं की गई। बाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कृतिराज की सख्ती के बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाने की चर्चा रही।
इसी बीच डिप्टी सीवीओ की एक अन्य तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें उनकी कुर्सी के पास बीयर कैन दिखाई देने का दावा किया गया। मामले को लेकर डॉ. पटेल ने मीडिया में बयान देते हुए मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात कही थी। हालांकि कोतवाली प्रभारी द्वारा मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि न किए जाने की चर्चा भी सामने आई।
वहीं बकरी पालन एवं भेड़ पालन योजनाओं में लाभार्थियों के चयन को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। शिकायतों के बाद शासन स्तर से जांच के निर्देश दिए गए थे। हालांकि जांच की वर्तमान स्थिति और उसके निष्कर्षों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
मामले में विभिन्न आरोपों और चर्चाओं के बीच विभागीय अधिकारियों की ओर से स्पष्ट स्थिति सामने आने का इंतजार है। वहीं विभागीय कार्यप्रणाली और जांचों के परिणामों को लेकर भी लोगों की निगाहें बनी हुई हैं। पूरे मामले को लेकर जब सीवीओ डॉक्टर विनोद कुमार को फोन मिलाया तो उनसे बात नहीं हो सकी।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
