जमीन हड़पने के आरोप में TMC नेता काजल घोष गिरफ्तार
नौ साल पुराने मामले में पुलिस की कार्रवाई, विधवा की पट्टे की जमीन हड़पने का आरोप
सिलीगुड़ी। जमीन से जुड़े करीब नौ साल पुराने मामले में फांसीदेवा के प्रभावशाली तृणमूल कांग्रेस नेता और सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण के सदस्य रह चुके काजल घोष को पुलिस ने खोरीबाड़ी इलाके से शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें खोरीबाड़ी थाने ले जाया गया।उन पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के जरिए एक विधवा महिला की सरकारी पट्टे की जमीन हड़पने और वहां बॉट लीफ फैक्ट्री स्थापित करने का गंभीर आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, सिलीगुड़ी महकमे के फांसीदेवा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व तृणमूल को-ऑर्डिनेटर काजल घोष ने करीब नौ वर्ष पहले विधाननगर के बड़ा पाइपकाड़ा मौजा में विधवा महिला के नाम दर्ज एक एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद वहां श्रीरूपा टी एंड इंडस्ट्री नाम से चाय प्रसंस्करण इकाई (बॉट लीफ फैक्ट्री) स्थापित की गई थी।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं। राजनीतिक प्रभाव के कारण वह लंबे समय तक कार्रवाई नहीं कर सकी। हालांकि, हालात बदलने के बाद उन्होंने सात अगस्त को फांसीदेवा थाने में काजल घोष और उनकी पत्नी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उन्हें गिरफ्तार किया।पुलिस के मुताबिक, काजल घोष के खिलाफ जमीन पर कब्जे के अलावा कथित तौर पर अन्य असामाजिक गतिविधियों से संबंधित पुराने मामले भी है। रविवार को उन्हें सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया जाएगा।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
