बंगाल की सभी दुर्गा पूजा समितियों को मिलेगा ₹1 लाख अनुदान
सीएम सुवेंदु अधिकारी का ऐलान, बिजली शुल्क माफ; महाअष्टमी पर ड्राई डे और पूजा में DJ पर रोक
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य की सभी सामुदायिक दुर्गा पूजा समितियों के लिए एक लाख रुपए अनुदान देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा राज्य की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद की।मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने केवल कम बजट वाली दुर्गा पूजा समितियों को सहायता देने की बात कही थी, लेकिन अब यह अनुदान सभी सामुदायिक पूजा समितियों के लिए उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने बड़ी और आर्थिक रूप से सक्षम पूजा समितियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से सरकारी सहायता लेने से इनकार करें, ताकि जरूरतमंद समितियों को अधिक लाभ मिल सके।सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "हम चाहते हैं कि यह एक लाख रुपए की सहायता उन समितियों तक पहुंचे, जो इस वित्तीय मदद के बिना पूजा का आयोजन करने में कठिनाई महसूस करती हैं।"
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य की दुर्गा पूजा समितियों को बिजली का कोई शुल्क नहीं देना होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान राज्य में कहीं भी डीजे चलाने की अनुमति नहीं होगी।उन्होंने कहा कि इस वर्ष 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के अवसर पर राज्य में ड्राई डे रहेगा। इस दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी और पब तथा बार में भी शराब की बिक्री नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "महाअष्टमी बेहद पवित्र अवसर है। इस दिन हम मां दुर्गा को पुष्प अर्पित करते हैं, इसलिए हमने इसे ड्राई डे घोषित करने का फैसला किया है। पूजा हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे इसकी भावना आहत हो।"इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान पूजा अनुदान की व्यवस्था राजनीतिक लाभ हासिल करने का माध्यम बन गई थी।
उन्होंने कहा, "पिछले शासन में यह अनुदान लगभग एक तरह की राजनीतिक बोली प्रक्रिया का रूप ले चुका था, लेकिन यह रणनीति पिछले चुनावों में सफल नहीं हुई। इसके बजाय कई पूजा समितियां सरकारी अनुदान पर निर्भर हो गईं।"मुख्यमंत्री के इस ऐलान को राज्य में आगामी दुर्गा पूजा तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सबसे बड़े सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें हजारों सामुदायिक पूजा समितियां हिस्सा लेती हैं।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
