उत्तराखंड में मानसून सक्रिय, भारी बारिश से गंगा का बढ़ा जलस्तर
उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी, गंगा के जलस्तर में बढ़ने से बढ़ी चिंता
देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को बारिश का दौर जारी है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस बीच ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने तथा कुछ क्षेत्रों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आज देहरादून, टिहरी, चम्पावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी में बारिश का येलो अलर्ट है। 23 अगस्त को नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और बागेश्वर और 24 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में येलो अलर्ट रहेगा। सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।
सुबह 10 बजे के मौसम बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में हरिद्वार में 53 मिमी, धारचूला में 41.2 मिमी, लोहारखेत और काशीपुर में 41-41 मिमी और उत्तरकाशी में 36 मिमी बारिश दर्ज की गई। लिटी यूकेजी में 56 मिमी, हल्द्वानी यूकेजी में 55.5 मिमी और खानपुर में 51.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
भारी बारिश के बीच प्रदेश के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित है। तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग के किलोमीटर 61, 63, 66 और 87 पर यातायात बाधित है। देहरादून-मसूरी राज्य मार्ग पर पानीवाला बैंड के समीप सड़क धंसने के कारण यातायात बंद है। मार्ग को सुचारू करने का काम जारी है। फिलहाल लंबीधार-किमाड़ी वैकल्पिक मार्ग से यातायात संचालित किया जा रहा है। इसी तरह धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग को 21 अगस्त दोपहर से अस्थायी रूप से यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है।
गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार सुबह ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ने का रुझान दर्ज किया गया। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.12 मीटर और हरिद्वार में 292.17 मीटर रहा। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर 625.08 मीटर रहा, जो 626 मीटर के चेतावनी स्तर से 0.92 मीटर नीचे है। मंदाकिनी का जलस्तर 624.10 मीटर दर्ज हुआ, जबकि चेतावनी स्तर 625 मीटर है। देवप्रयाग में भागीरथी का जलस्तर 460.70 मीटर और उत्तरकाशी में 1120.15 मीटर रहा। उत्तरकाशी में खतरे का स्तर 1123 मीटर निर्धारित है। धारचूला में काली नदी का जलस्तर 888.90 मीटर दर्ज हुआ, जो 889 मीटर के चेतावनी स्तर से महज 0.10 मीटर नीचे है और यहां जलस्तर बढ़ रहा है। जौलजीवी में गौरी नदी का जलस्तर भी बढ़ने का रुझान दर्ज किया गया।
हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज में गंगा का जलस्तर 292.15 मीटर रहा, जबकि खतरे का स्तर 294 मीटर है। रामनगर के कोसी बैराज में जलस्तर 351.80 मीटर और डिस्चार्ज 3,715 क्यूसेक, जबकि हल्द्वानी के गोला बैराज में जलस्तर 502.120 मीटर और डिस्चार्ज 1,709 क्यूसेक दर्ज हुआ। देहरादून के डाकपत्थर बैराज में यमुना का जलस्तर 454.15 मीटर और डिस्चार्ज 18,142 क्यूसेक रहा। केंद्रीय जल आयोग ने श्रीनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार और रामनगर को बाढ़ पूर्वानुमान स्थलों के रूप में चिह्नित किया है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
