फर्म बंद कराने का झांसा देकर सीए ने की 2.20 करोड़ की धोखाधड़ी
2024 से वांछित चल रहे सीए मो. इरफान को लखनऊ पुलिस ने किया गिरफ्तार
- 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था
कानपुर। फर्म बंद कराने का भरोसा देकर उसके जीएसटी पंजीकरण का दुरुपयोग कर 2.20 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में रेल बाजार पुलिस ने वर्ष 2024 से वांछित चल रहे सीए मो. इरफान को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने शनिवार को बताया कि मो. इरफान वर्ष 2024 से मुकदमे में वांछित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस और सर्विलांस टीम उसकी तलाश में जुटी थीं। सूचना के आधार पर 21 अगस्त को उसे लखनऊ के गुडम्बा थाना क्षेत्र स्थित अफसान अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया।
मामले में सुजातगंज निवासी मो. सुलेमान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने 18 जुलाई को रेडीमेड कपड़ों के निर्माण से संबंधित फर्म शुरू की थी। कारोबार घाटे में जाने के बाद उन्होंने फर्म बंद करने की जिम्मेदारी अपने सीए मो. इरफान को दी थी। इसके बाद वह 12 नवंबर 2019 को सऊदी अरब चले गए। सीए ने उन्हें फर्म बंद होने की जानकारी दी थी।
अप्रैल 2024 में जीएसटी विभाग का नोटिस मिलने पर सुलेमान को फर्म के बंद न होने की जानकारी हुई। जीएसटी विभाग से पता चला कि वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 में फर्म के जीएसटी नंबर का दुरुपयोग कर कुल 2,20,75,800 रुपये की कथित फर्जी बिलिंग की गई।
शिकायत के अनुसार, अलग-अलग फर्मों के नाम पर रेडीमेड कपड़ों के बजाय लेदर फिनिशिंग समेत अन्य कार्यों के फर्जी बिल बनाए गए। इनका कोई भुगतान सुलेमान की फर्म या बैंक खाते में नहीं हुआ। मामले में रेलबाजार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 27 फरवरी 2026 को आरोपित पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
