नया इतिहास, नया भारत! मोदी सरकार के 12 वर्षों पूरे होने पर परमार्थ निकेतन में विशेष हवन
कालजयी इतिहास • अद्भुत • अविस्मरणीय • दिव्य एवं भव्य गाथा
ऋषिकेश। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम और गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में माँ गंगा के पावन तट पर राष्ट्र की समृद्धि, शांति, सुरक्षा एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घ, दिव्य और समुन्नत जीवन की मंगलकामना के साथ विशेष वैदिक हवन एवं प्रार्थना पूज्य स्वामी चिदानन्द सर।स्वती जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में आयोजित की।
परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि केवल समय की गणना का एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण, संकल्प और राष्ट्रनिर्माण की एक प्रेरणादायी यात्रा का प्रतीक है। यह 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी आस्था तथा सुशासन के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अविचल प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
स्वामी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, आत्मनिर्भरता, नवाचार, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक प्रतिष्ठा के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। भारत ने केवल आर्थिक और तकनीकी प्रगति ही नहीं की, बल्कि अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों और मानवीय दृष्टिकोण को भी विश्व के समक्ष प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया है। आज भारत विश्व समुदाय को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देकर मानवता, करुणा और सह-अस्तित्व की दिशा में प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने परिवर्तन के अनेक स्वर्णिम अध्याय लिखे हैं। नई संसद का निर्माण, तीन नए आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन, नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा का भारतीयकरण, मातृभाषाओं में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होना तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान का जन-जन तक पहुँचना ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हैं। इन पहलों ने भारत को आत्मविश्वासी, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व शक्ति और दृढ़ता का परिचय दिया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का निष्कासन, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई तथा आतंकवाद के खिलाफ कठोर और प्रभावी कदमों ने नए भारत की सामर्थ्य और संकल्प को विश्व के सामने स्थापित किया है। भारत आज अपनी सीमाओं की सुरक्षा, राष्ट्रीय हितों की रक्षा और वैश्विक मंचों पर सशक्त नेतृत्व के लिए जाना जाता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति केवल उसकी आर्थिक प्रगति नहीं होती, बल्कि उसके नागरिकों का आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और अपनी पहचान के प्रति गौरवबोध होता है। पिछले वर्षों में भारत ने अपनी संस्कृति, विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय पहचान पर गर्व करना सीखा है। देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना, आत्मगौरव और सकारात्मक दृष्टिकोण का जो जागरण हुआ है, वह आधुनिक भारत की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
विशेष हवन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ राष्ट्र की उन्नति, विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण तथा समस्त मानवता के कल्याण के लिए प्रार्थनाएँ की गईं। उपस्थित ऋषिकुमारों, भक्तों और श्रद्धालुओं ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ अर्पित कीं। स्वामी ने माँ गंगा से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, दिव्य ऊर्जा, सतत राष्ट्रसेवा की शक्ति एवं सफल नेतृत्व प्रदान करें, ताकि वे विकसित, समृद्ध, आत्मनिर्भर, संस्कारित और आध्यात्मिक भारत के निर्माण के इस महान यज्ञ को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
