आप ने खोली 'आपरेशन कायाकल्प' की पोल
संजय सिंह ने तबेले में चलते स्कूलों में टपकती छतों का दिखाया वीडियो
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी एंव सांसद संजय सिंह ने 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शनिवार को यहां शुरूआत किया। साथ ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 8382928009 जारी कर जनता से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के खराब स्कूलों, जलभराव, टूटी सड़कों और मिड-डे मील में मिल रहे खराब खाने का वीडियो बनाकर भेजें। साथ ही तबेले में चल रहे कई स्कूलों की छतों से टपकता पानी का वीडियो भी दिखाया। उन्होंने कहा कि आप प्रदेश सरकार के आपरेशन कायाकल्प की पोल खोालने का काम करेगी।
पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के 55 सरकारी स्कूलों के वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री 'आॅपरेशन कायाकल्प' के जरिए स्कूलों की सूरत बदलने का बड़ा दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में स्कूल तबेले में तब्दील हो चुके हैं। वाराणसी, गोरखपुर, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और महोबा में स्कूलों की छतें टपक रही हैं, टॉयलेट टूटे हैं और बच्चों के पास बैठने के लिए डेस्क-बेंच तक नहीं हैं। यूपी में 'डबल इंजन' का मिलन होता है, उस नोएडा और गाजियाबाद में भी स्कूलों की ऐसी दुर्दशा क्यों है? उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने शिक्षा को शेरनी का दूध कहा था, लेकिन भाजपा चाहती है कि गरीब के बच्चे अनपढ़ रहें ताकि वे अपने अधिकारों के लिए दहाड़ न सकें। भाजपा धर्म के नाम पर नफरत फैलाकर वोट मिल जाएगा, इसलिए वे स्कूलों और सड़कों पर ध्यान देने के बजाय समाज को बांटने की राजनीति कर रही हैं।
आप नेता ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश को 'तुगलकी फरमान' करार दिया। अगर यूपी के स्कूल इतने ही शानदार हैं, तो उन्हें जनता को दिखाने में शर्म क्यों आ रही है? सरकार को तो सीना ठोक कर स्कूल दिखाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये स्कूल जनता के टैक्स के पैसे से बने हैं, किसी नेता की निजी संपत्ति नहीं हैं। स्कूलों की हकीकत छिपाने की कोशिश 'आॅपरेशन कायाकल्प' के नाम पर भारी भ्रष्टाचार की पोल खोलता है।
आज चार प्रांतों के वीडियो दिखाए गए हैं, कल बाकी चार प्रांतों के वीडियो सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके बाद पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में इन खराब स्कूलों की 'प्रदर्शनी' लगाएगी ताकि जनता भाजपा के दावों और हकीकत के अंतर को देख सके।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
