वार्ड उपचुनाव: अफरीदी ने जीता प्रतिष्ठा का चुनाव, सलीम अहमद के तीखे तेवर
बदायूं। नगर पालिका के वार्ड नंबर 28 के उपचुनाव में सियासी पारा चढ़ा हुआ है, और नतीजा सबके सामने है। दिवंगत सभासद के पुत्र अफरीदी ने यह साख की लड़ाई जीतकर न सिर्फ अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाला, बल्कि विरोधियों को करारा जवाब भी दिया है।
क्यों हुआ था उपचुनाव?
दरअसल, वार्ड-28 से सभासद रहे अफरीदी के पिता वाहिद का बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन से यह सीट खाली हो गई थी। जिसके बाद 5 मई को उपचुनाव कराया गया था। इस सीट पर अफरीदी और सलीम अहमद के बीच सीधी टक्कर थी।
पूर्व मंत्री-चेयरपर्सन ने पलटी बाजी
ये खबर भी पढ़े : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट ने भरी उड़ान, केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने दिखाई झंडीयह चुनाव आम चुनाव से ज्यादा प्रतिष्ठा का चुनाव बन गया था। अफरीदी को पूर्व मंत्री आबिद रज़ा और चेयरपर्सन फात्मा रज़ा का खुलकर समर्थन मिला। दोनों दिग्गजों के समर्थन की वजह से ही अफरीदी को भरपूर वोट मिले और उनकी जीत की राह आसान हो गई। वार्ड के उपचुनाव में सिर्फ बड़े नेता ही नहीं, बल्कि नगर के कई वार्ड सभासद भी इस चुनाव में अफरीदी के साथ खड़े नजर आए। सभी ने एकजुट होकर अफरीदी के लिए माहौल बनाया, जिसका सीधा फायदा उन्हें 7 मई को मतगणना में मिला।
पिता के काम आए याद, जनता हुई भावुक
मतदाताओं ने दिवंगत सभासद के कामों को याद करते हुए उनके बेटे अफरीदी पर भरोसा जताया। लोगों का कहना था कि जैसा पिता, वैसा बेटा। वार्ड की जनता ने भावनात्मक रूप से जुड़कर अफरीदी को भारी मतों से जिताया और सलीम अहमद को हार का सामना करना पड़ा।
हार के बाद क्या बोले सलीम अहमद?
उपचुनाव हारने के बाद सलीम अहमद ने वार्ड नंबर 28 के लोगो का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस चुनाव में मेरी लडाई अफरीदी से नहीं बल्कि पूर्व मंत्री आबिद रज़ा से थी। सलीम अहमद ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष के अगले चुनाव में मेरे (सलीम अहमद) परिवार से कोई चुनाव लडेगा, और मेरे परिवार से विधानसभा चुनाव भी लडेगा।
जीत के बाद क्या बोले आफरीदी?
जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद समर्थकों से घिरे अफरीदी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह जीत मेरी नहीं, मेरे स्वर्गीय पिता जी और वार्ड-28 की जनता की जीत है। पूर्व मंत्री, चेयरपर्सन और सभी सभासद साथियों का मैं आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। मैं पिता के अधूरे सपनों को पूरा करूंगा और वार्ड के विकास में दिन रात एक कर दूंगा। जीत के बाद समर्थकों ने ढोल नगाड़ों के साथ अफरीदी का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया और मिठाई बांटी गई।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
