49 की उम्र में 29 दिखने की चाहत, पहचान छिपाने को कराई प्लास्टिक सर्जरी,जानिये पूरा मामला
फर्जी पहचान के सहारे रही लखनऊ में, एक साल बाद उज्बेकिस्तानी लोला गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी में विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने और उनसे जुड़े कथित नेटवर्क की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा उर्फ लोला कायूमोवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमे में वांछित थी और लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रही थी। उसकी गिरफ्तारी एफआरआरओ (Foreigners Regional Registration Office) से मिली सूचना के बाद की गई।
पुलिस के मुताबिक लोला के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज मुकदमे में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने कई वर्षों से पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रहने, भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज बनवाने और अलग-अलग स्थानों पर अनैतिक देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी दी है। उसके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अब अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
2025 में सामने आया था मामला
पुलिस के अनुसार पूरा मामला 20 जून 2025 को सामने आया था। उस समय सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में विदेशी महिलाओं के अवैध रूप से रहने की सूचना पर पुलिस और एफआरआरओ की टीम ने कार्रवाई की थी। जांच के दौरान दो उज्बेकिस्तानी महिलाओं के बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में रहने की बात सामने आई थी।इस मामले में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो लोला क्यूमोवा की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक वह विदेशी महिलाओं को लखनऊ में ठहराने और उनके लिए व्यवस्था कराने में कथित रूप से शामिल थी। कार्रवाई के दौरान लोला मौके से निकल गई थी, जिसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी।
पहचान छिपाने के लिए दस्तावेज बनवाने का आरोप
पुलिस की विवेचना में यह भी आरोप सामने आया कि लोला ने भारत में अपनी पहचान छिपाने के लिए भारतीय दस्तावेज बनवाए। पुलिस ने उसके कब्जे से दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके पास से तीन डेबिट कार्ड और लुलु मॉल का एक फंटुरा कार्ड भी मिला है।पुलिस अब इन दस्तावेजों के बनने की प्रक्रिया और उनमें दर्ज विवरणों का सत्यापन कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विदेशी नागरिक होने के बावजूद उसे ये दस्तावेज किस तरह हासिल हुए और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या स्थानीय नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
प्लास्टिक सर्जरी से पहचान बदलने की भी जांच
मामले में प्लास्टिक सर्जरी का पहलू भी जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार विदेशी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए कथित तौर पर प्लास्टिक सर्जरी कराए जाने की बात विवेचना में सामने आई है। लोला द्वारा भी अपनी पहचान छिपाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराए जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस अब यह सत्यापित कर रही है कि सर्जरी कहां और किसकी मदद से कराई गई तथा इसमें किसी चिकित्सक या अन्य स्थानीय व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। इस संबंध में सामने आए नामों और तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

देह व्यापार के नेटवर्क से जुड़े होने का पुलिस का दावा
पूछताछ में लोला ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसके संपर्क में कई अन्य सहयोगी हैं और अलग-अलग राज्यों एवं जिलों में महिलाओं से अनैतिक देह व्यापार कराया जाता था। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि लखनऊ के अलावा दूसरे शहरों में इस नेटवर्क का कितना विस्तार था और इसमें स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने मदद की।
विदेशी नेटवर्क से संपर्क की भी जांच
पुलिस की जांच में लोला के नेपाल और उज्बेकिस्तान से जुड़े लोगों के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन संपर्कों की वास्तविक भूमिका और नेटवर्क की प्रकृति की पुष्टि के लिए आगे की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेशी महिलाओं को भारत लाने, उनके रहने की व्यवस्था करने और उनकी पहचान छिपाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
मोबाइल और दस्तावेजों से खुलेगा नेटवर्क का राज
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने लोला के पास से दो मोबाइल फोन, नकदी और जेवरात के साथ कई पहचान एवं बैंकिंग संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामदगी में 39,740 रुपये नकद, वीवो और सैमसंग के दो मोबाइल फोन, एक्सिस और एचडीएफसी के तीन डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।इसके अलावा पुलिस ने पीली और सफेद धातु की अंगूठियां, चेन, ब्रेसलेट, ईयररिंग और घड़ी भी बरामद की है। पुलिस इन सामानों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।
कई साल से भारत में रहने का दावा
पुलिस पूछताछ में लोला ने कथित तौर पर बताया कि उसके पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह कई वर्षों से भारत के अलग-अलग राज्यों और जिलों में छिपकर रह रही थी। पुलिस अब उसके भारत में रहने की अवधि, आवागमन और संपर्कों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।इसके साथ ही संबंधित विदेशी नागरिकता एवं आव्रजन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों को भी दी है।

सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज है मुकदमा
लोला के खिलाफ थाना सुशांत गोल्फ सिटी में मु0अ0सं0 544/2025 दर्ज है। इसमें धारा 318(4), 61 बीएनएस के साथ विदेशी पंजीकरण अधिनियम और विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं तथा इमीग्रेशन एंड फॉरेनर एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान लोला क्यूमोवा पुत्री अलिमद जमोवना, मूल निवासी ताशकंद, उज्बेकिस्तान के रूप में हुई है। उसकी उम्र पुलिस रिकॉर्ड में करीब 45 वर्ष बताई गई है। उसके लखनऊ में राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में रहने के पते सामने आए हैं।
न्यायालय में पेश किया गया, जांच जारी
एफआरआरओ की सूचना के बाद पुलिस टीम ने महिला से पूछताछ की और इसके बाद उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। अब उसके मोबाइल फोन, बरामद दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लोला का कथित नेटवर्क कितना बड़ा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और विदेशी महिलाओं को भारत में अवैध रूप से ठहराने तथा उनकी पहचान छिपाने में किन लोगों ने मदद की।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
