रायबरेली में मिली दो हजार साल पुरानी सुरंग, प्रशासन की निगरानी में जांच
ASI की रिपोर्ट तक क्षेत्र सील
रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में मिली प्राचीन सुरंग को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। करीब 2000 साल पुरानी बताई जा रही इस सुरंग के आसपास किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगा दी गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे इलाके को सुरक्षित घेरे में रखा गया है।
ग्राम पंचायत ओई के प्रधान प्रतिनिधि हरिश्चंद्र मौर्य की पहल पर सुरंग स्थल के चारों ओर सीमेंट के खंभे लगाकर कांटेदार तारों से बैरिकेडिंग कर दी गई है। यह काम पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों की मौजूदगी में कराया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति सुरंग के अंदर या उसके आसपास न पहुंच सके।
प्रशासन का कहना है कि बैरिकेडिंग का उद्देश्य सुरंग को सुरक्षित रखना, किसी दुर्घटना की संभावना को रोकना और वहां मौजूद ऐतिहासिक महत्व की संरचनाओं को संरक्षित करना है। सुरंग के अंदर प्राचीन दीवारों जैसी आकृतियां और कुषाण काल से जुड़े अवशेष मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ASI की टीम मौके का निरीक्षण कर चुकी है और अब उसकी वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय होगा कि यहां आगे खुदाई, संरक्षण या अन्य कोई कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरंग स्थल पर पुलिस बल तैनात है और पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। ओई गांव की यह रहस्यमयी सुरंग इन दिनों जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों की नजर अब ASI की रिपोर्ट पर टिकी है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
