साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए राहत बनी कौशाम्बी पुलिस, 11 पीड़ितों के खातों में लौटाए चार लाख से अधिक
कौशाम्बी। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ कौशाम्बी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देशन में साइबर थाना कौशाम्बी की टीम लगातार साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रही है। पुलिस की सक्रियता से एक माह के भीतर साइबर ठगी की 10 लाख 29 हजार 671 रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई। इनमें से 11 प्रकरणों में चार लाख 798 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराने में सफलता मिली है। शेष मामलों में भी धनराशि वापस कराने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस के अनुसार, एक जुलाई से 30 जुलाई 2026 के बीच साइबर फ्रॉड से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर साइबर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित कर ठगी की रकम को समय रहते होल्ड कराया गया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए 11 पीड़ितों को उनकी ठगी गई रकम वापस दिलाई गई।
साइबर थाना पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ितों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की तत्परता भी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज होना सबसे महत्वपूर्ण है। पीड़ित जितनी जल्दी शिकायत करेगा, ठगी की रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।
कौशाम्बी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने लोगों को सचेत किया है कि साइबर ठगी की घटना के बाद शिकायत करने में देरी न करें, क्योंकि शुरुआती समय में कार्रवाई होने पर रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और पीड़ित को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर थाना कौशाम्बी की इस त्वरित कार्रवाई की आमजन के बीच सराहना हो रही है। पुलिस की सक्रिय निगरानी, बैंकों से समन्वय और पीड़ितों की रकम वापस कराने के प्रयास साइबर अपराध से प्रभावित लोगों के लिए राहत देने वाले साबित हो रहे हैं।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
